
अनिल निषाद
अयोध्या, 3 अगस्त 2026:
संसद परिसर में सांसद पप्पू यादव द्वारा भगवा वस्त्र पहनकर किए गए प्रदर्शन से शुरू हुआ विवाद अब अयोध्या की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है। दो दिन पहले संतों द्वारा विपक्षी नेताओं के खिलाफ किए गए प्रदर्शन में सांसद अवधेश प्रसाद के पोस्टर पर जूते-चप्पल चलाए जाने के विरोध में सोमवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए।
सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद और सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। विरोध मार्च के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शन के दौरान अजीत प्रसाद ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब लखनऊ में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के स्वागत में हनुमान जी का प्रतीकात्मक नृत्य कराया गया था तब उसे सनातन धर्म का अपमान नहीं माना गया लेकिन विपक्ष के मामलों में अलग रवैया अपनाया जाता है। उन्होंने भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि भगवा वस्त्र पहनने और मांसाहार के मुद्दे पर भी भाजपा चुप्पी साध लेती है।
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सांसद अवधेश प्रसाद के पोस्टर पर जूते-चप्पल केवल इसलिए चलाए गए क्योंकि वह दलित समाज से आते हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना से दलित समाज में भारी आक्रोश है। समाजवादी पार्टी इसका विरोध जारी रखेगी। इसके साथ ही दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में दलित समाज इस कथित अपमान का लोकतांत्रिक जवाब देगा।

इस घटनाक्रम के बाद अयोध्या में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह विवाद प्रदेश की सियासत में और अधिक गर्मा सकता है।






