
अनिल निषाद
अयोध्या, 4 अगस्त 2026ः
सपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद अवधेश प्रसाद के पोस्टर पर जूते-चप्पल चलाने, जातिसूचक शब्दों के प्रयोग और पुतला फूंके जाने की घटना के विरोध में मंगलवार को अयोध्या के मिल्कीपुर में नेताओं व कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। मिल्कीपुर से पूर्व प्रत्याशी व सपा नेता अजीत प्रसाद के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम मिल्कीपुर को सौंपकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।
अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद ने कहा कि सांसद अवधेश प्रसाद एक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि हैं, जिन्होंने लंबे समय तक विधायक, मंत्री और वर्तमान सांसद के रूप में जनता की सेवा की है। उनका सार्वजनिक रूप से अपमान, जातिसूचक टिप्पणियां करना और पुतला दहन जैसी घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों व सामाजिक सौहार्द के विपरीत हैं। ऐसे कृत्य से न केवल एक जनप्रतिनिधि का, बल्कि उनके समर्थकों व समाज के बड़े वर्ग की भावनाओं को भी ठेस पहुंची है। नेताओं व कार्यकर्ताओं ने मांग की कि इसमें शामिल सभी लोगों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि सांसद अवधेश प्रसाद व उनके परिवार की सुरक्षा बढ़ाई जाए। क्योंकि, इस प्रकार की घटनाओं से उनकी सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो सकता है। इस अवसर पर अजीत प्रसाद ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि के सम्मान को ठेस पहुंचाने, जातिसूचक भाषा का प्रयोग करने और सामाजिक वैमनस्य फैलाने वाले कृत्यों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। बता दें कि संतों ने अयोध्या में विपक्षी नेताओं के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उनके पोस्टरों पर जूते-चप्पल चलाए थे। इस दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद का पोस्टर भी निशाने पर रहा था।

उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष व शीघ्र कार्रवाई की मांग की। सपा प्रवक्ता लवलेश पांडेय ने बताया कि ज्ञापन सौंपने वालों में सपा जिला महासचिव बख्तियार खान, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के विधानसभा अध्यक्ष सोहनलाल रावत, जिला उपाध्यक्ष रामजी पाल, डॉ. वेद प्रकाश यादव, रामसतन कोरी, सुनील कुमार कोरी, विश्राम रावत, राम बहादुर यादव, राम तेज यादव, बाबूराम चौहान, प्रहलाद रावत, घनश्याम गुप्ता, विश्वनाथ रावत, राम केवल रावत, अखिलेश कुमार आदि मौजूद रहे।






