
राजकिशोर तिवारी
नई दिल्ली/देहरादून, 6 अगस्त 2026:
उत्तराखंड में उच्च शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में नई पहल शुरू हुई है। उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात कर राज्य के प्रमुख शिक्षण संस्थानों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए 459.095 करोड़ रुपये की शैक्षणिक और अनुसंधान अवसंरचना परियोजना पर विस्तार से बात हुई।
HEFA के जरिए तैयार हुआ प्रस्ताव
धन सिंह रावत ने बताया कि Higher Education Financing Agency (HEFA) के माध्यम से तैयार इस परियोजना का मकसद विश्वविद्यालय में आधुनिक Academic Infrastructure विकसित करना है। इसके तहत शोध सुविधाओं का विस्तार, नए संसाधनों का निर्माण, Innovation को बढ़ावा देने वाले ढांचे का विकास और शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने की योजना शामिल है। परियोजना पूरी होने पर विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, जिससे रिसर्च की गुणवत्ता भी मजबूत होगी।
NIT Srinagar के नए परिसर पर भी हुई चर्चा
बैठक में NIT Srinagar (गढ़वाल) के नवनिर्मित परिसर को लेकर भी चर्चा हुई। धन सिंह रावत ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को नए परिसर के लोकार्पण के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि परिसर शुरू होने के बाद छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों को बेहतर शैक्षणिक और प्रशासनिक सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही संस्थान के सुचारू संचालन के लिए स्थायी निदेशक की जल्द नियुक्ति का आग्रह भी किया गया।
जलभराव और विस्थापन का मुद्दा भी उठाया
उच्च शिक्षा मंत्री ने NIT Srinagar परिसर में जलभराव की समस्या का मुद्दा भी केंद्रीय मंत्री के सामने रखा। उन्होंने बताया कि इससे प्रभावित छह परिवारों के उचित विस्थापन और पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार के सहयोग की जरूरत है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने इन सभी विषयों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिया।
शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड की उपलब्धियों की सराहना
बैठक के दौरान प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने राज्य के पूर्ण साक्षर बनने और UNESCO AI for Education Award 2026 में उत्तराखंड SCERT की शिक्षक प्रशिक्षण परियोजना के दुनिया की शीर्ष छह परियोजनाओं में शामिल होने को बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में राज्य की बेहतर पहल को आगे भी केंद्र सरकार का सहयोग मिलता रहेगा।






