
लखनऊ/बस्ती, 6 अगस्त 2026:
यूपी सरकार ने बस्ती मंडल को धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। नकटेश्वरनाथ धाम, संत कबीर की तपस्थली, मखौड़ा धाम और कई प्राचीन मंदिरों के विकास के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यापक योजना पर काम शुरू हो गया है। पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बस्ती मंडल की प्रस्तावित एवं संचालित परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 13 करोड़ रुपये लागत वाली 16 पर्यटन परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें बस्ती जिले की सात, संत कबीर नगर की छह और सिद्धार्थनगर की तीन परियोजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए पर्यटन को नई गति देना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करना है।

बस्ती जिले में नकटेश्वरनाथ धाम, शत्रुहंता हनुमान मंदिर, झारखंडेश्वर नाथ मंदिर, रामेश्वरनाथ शिव मंदिर और गौरैया मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण एवं आधारभूत सुविधाओं के विकास के प्रस्तावों की समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। जिले की धार्मिक पहचान को नया आयाम मिलेगा।
संत कबीर नगर में दंडी स्वामी की तपस्थली का होगा कायाकल्प
संत कबीर नगर में दंडी स्वामी की तपस्थली, राम जानकी मंदिर, संत कबीर की ध्यानस्थली पर इंटरप्रिटेशन हॉल एवं दीर्घाओं का निर्माण, समया माता मंदिर और सिद्धनाथ गोरेश्वरनाथ मंदिर के विकास की योजनाओं पर चर्चा हुई। इन परियोजनाओं के माध्यम से जिले की आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करने के साथ धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
सिद्धार्थनगर में 1971 के शहीदों का बनेगा भव्य स्मारक
सिद्धार्थनगर जिले में प्राचीन सती माता मंदिर, श्री राम जानकी मंदिर और शिव मंदिर के सौंदर्यीकरण तथा आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से जुड़े तीन प्रस्तावों की समीक्षा की गई। सरकार का उद्देश्य इन धार्मिक स्थलों को अधिक आकर्षक और सुविधाजनक बनाकर पर्यटकों की संख्या बढ़ाना है।
बैठक में संस्कृति विभाग की ओर से संत कबीर नगर में वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए वीर सैनिकों की स्मृति में शहीद स्मारक विकसित करने का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया। इस स्मारक का उद्देश्य क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास को संरक्षित करना, नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना है।
सिद्धार्थनगर में 25 मंदिरों और 34 प्राचीन कुओं का सौंदर्यीकरण
धर्मार्थ कार्य विभाग की योजनाओं के तहत सिद्धार्थनगर में 25 मंदिरों और 34 प्राचीन कुओं के सौंदर्यीकरण, संत कबीर नगर के हनुमान मंदिर और शिव मंदिर में सुविधाओं के विस्तार तथा बस्ती के मखौड़ा धाम परिसर के विकास और मखौड़ा धाम से अयोध्या धाम तक प्रस्तावित ‘श्री राम अवतरण कॉरिडोर’ की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाए, गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर शिलान्यास एवं उद्घाटन कार्यक्रमों में उनकी सहभागिता सुनिश्चित की जाए। यह समीक्षा प्रदेश के सभी 18 मंडलों में पर्यटन विकास की व्यापक कार्ययोजना का हिस्सा है, जिसके माध्यम से उत्तर प्रदेश को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से और अधिक सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।






