
देहरादून, 6 अगस्त 2026:
प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) पहुंचकर हालात की समीक्षा की। उन्होंने साफ कहा कि लोगों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ 24×7 अलर्ट मोड में काम करें, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके।
बारिश, नदियों, भूस्खलन पर लगातार नजर रखने के निर्देश
मुख्य सचिव ने सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन से प्रदेशभर में बारिश, नदियों के जलस्तर, भूस्खलन, बंद सड़कों, राहत-बचाव, बिजली, पेयजल, संचार व्यवस्था समेत जरूरी सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मौसम के पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखी जाए। किसी भी आपात स्थिति में बिना देरी कार्रवाई शुरू होनी चाहिए।
जिलों से सीधा संवाद, सड़कें जल्द खोलने पर जोर
समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने कई जिलाधिकारियों से फोन पर बात कर जिलों की स्थिति जानी। उन्होंने निर्देश दिए कि बंद सड़कें प्राथमिकता के आधार पर जल्द खोली जाएं। भूस्खलन वाले संवेदनशील इलाकों में पहले से मशीनें तैनात रहें। जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी निकासी के पूरे इंतजाम हों, पंप समेत जरूरी उपकरण पर्याप्त संख्या में उपलब्ध रहें।
चारधाम यात्रा पर सुरक्षा सबसे अहम
बैठक में चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और कैलाश मानसरोवर यात्रा की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। यात्रा मार्ग, ट्रैफिक, मेडिकल सुविधा, पेयजल, स्वच्छता समेत सभी व्यवस्थाएं लगातार मॉनिटर की जाएं। उन्होंने कहा कि मौसम की वास्तविक स्थिति देखकर ही यात्रा संचालित की जाए। अगर भारी बारिश या रास्ता बंद होने जैसी स्थिति बने तो यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोककर जरूरी सुविधाएं दी जाएं। हालात सामान्य होने के बाद ही आगे भेजा जाए।
डैम से पानी छोड़ने से पहले अलर्ट जरूरी
मुख्य सचिव ने नदियों के जलस्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए। नदी किनारे रहने वाले लोगों को लगातार सतर्क किया जाए। डैम या बैराज से पानी छोड़े जाने से पहले डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय पर सूचना दी जाए। जरूरत पड़ने पर सीमावर्ती राज्यों को भी पहले से अलर्ट भेजा जाए.।
बिजली, पानी, संचार सेवाएं तुरंत बहाल हों
उन्होंने कहा कि अगर बारिश या भूस्खलन से संचार व्यवस्था प्रभावित होती है तो वैकल्पिक सिस्टम तुरंत चालू किया जाए। सभी सैटेलाइट फोन हर समय सक्रिय रहें। SEOC और DEOC के बीच रोज संपर्क सुनिश्चित किया जाए। बिजली, पेयजल और संचार सेवाएं प्रभावित होने पर अतिरिक्त टीमें तुरंत मौके पर भेजी जाएं, ताकि लोगों को लंबे समय तक परेशानी न उठानी पड़े।
मौसम का अलर्ट आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि मौसम विभाग की हर चेतावनी समय पर लोगों तक पहुंचे। राज्य से लेकर जिला, ब्लॉक, तहसील और गांव स्तर तक सूचना तंत्र को मजबूत बनाया जाए, ताकि समय रहते लोगों को अलर्ट मिल सके और संभावित नुकसान कम किया जा सके। बैठक में एससीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ दिनेश कुमार पुनेठा, ड्यूटी ऑफिसर कलम सिंह चौहान, भवानी राम आर्या समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।






