
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 7 अगस्त 2026ः
उत्तराखंड अब धार्मिक के अलावा एडवेंचर पर्यटन के रूप में इंटरनेशनल स्तर पर अपनी नई पहचान बना रहा है। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होने के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इसी क्रम में गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (टीटीएफ) में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तराखंड के पर्यटन की विविधताओं को प्रदर्शित किया।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि राज्य धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ में 20 से 25 अक्टूबर तक प्रस्तावित आदि कैलाश परिक्रमा अल्ट्रा रन से उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय एडवेंचर पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। पर्यटन मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अब केवल चारधाम यात्रा का केंद्र नहीं है, बल्कि यहां प्रकृति, अध्यात्म, योग, वेलनेस, संस्कृति और रोमांच का अनूठा संगम पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्षभर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत सीमांत गांवों में पर्यटन आधारित विकास को गति दी जा रही है। पर्यटन से जुड़े क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं और महिलाओं को आजीविका के नए अवसर मिल रहे हैं।
सतपाल महाराज ने बताया कि राज्य में होम स्टे योजना ने ग्रामीण पर्यटन को नई दिशा दी है। बड़ी संख्या में पर्यटक स्थानीय परिवारों के बीच रहकर उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं का अनुभव कर रहे हैं। वहीं, चारधाम यात्रा में डिजिटल पंजीकरण और ई-केवाईसी जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं से श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का लाभ मिल रहा है।

उन्होंने गुजरात के पर्यटन कारोबार से जुड़े प्रतिनिधियों, निवेशकों और ट्रैवल एजेंसियों से उत्तराखंड में निवेश और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि राज्य में पर्यटन क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। कार्यक्रम में गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल, उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी, गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन खाउंटे समेत विभिन्न राज्यों के पर्यटन विभाग के अधिकारी व पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे।






