
लखनऊ, 11 अगस्त 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के भूतनाथ मार्केट में मंगलवार को आयोजित लखनऊ व्यापार मंडल के कार्यक्रम में व्यापारियों का आक्रोश खुलकर सामने आया। यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने की संभावनाओं से लेकर नगर निगम की जियो टैगिंग, अतिक्रमण, ई-रिक्शा संचालन और प्रशासनिक उत्पीड़न जैसे मुद्दों पर व्यापारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की। इसी दौरान वरिष्ठ व्यापारी नेता अमिताभ श्रीवास्तव ने लखनऊ व्यापार मंडल में दोबारा शामिल होकर ‘घर वापसी’ की। उनके साथ बड़ी संख्या में व्यापारियों ने संगठन की सदस्यता ग्रहण की।
व्यापारियों ने कहा कि यूपीआई लेनदेन पर किसी भी तरह का शुल्क लगाया जाना व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगा। इससे डिजिटल भुगतान व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। व्यापारियों ने सरकार से यूपीआई को पूरी तरह निशुल्क बनाए रखने की मांग की।
लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लालफीताशाही और कुछ सरकारी अधिकारियों की कार्यप्रणाली के कारण व्यापारियों का उत्पीड़न चरम पर है। व्यापारियों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, जैसे वे बंधुआ मजदूर हों। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जायज मांगों की अनदेखी जारी रही तो व्यापारी लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष और आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
अमरनाथ मिश्र ने नगर निगम की जियो टैगिंग प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसके नाम पर व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है। वहीं अतिक्रमण और ई-रिक्शा संचालन को लेकर स्पष्ट नीति नहीं होने से बाजारों में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है और इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है।
वरिष्ठ महामंत्री पवन मनोचा ने कहा कि व्यापारियों की एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। वरिष्ठ महामंत्री उमेश शर्मा ने अमिताभ श्रीवास्तव की वापसी को संगठन के लिए नई ऊर्जा बताया। कोषाध्यक्ष सुहैल हैदर अल्वी ने कहा कि विभिन्न विभागों की जटिल प्रक्रियाओं, अनावश्यक नोटिसों और प्रशासनिक उत्पीड़न से व्यापारी परेशान हैं।
ट्रांसगोमती अध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों ने जुलूस के रूप में पूरे बाजार का भ्रमण किया। अमिताभ श्रीवास्तव के साथ कई प्रमुख व्यापारियों समेत सैकड़ों लोगों ने संगठन की सदस्यता ली। इससे लखनऊ व्यापार मंडल ने संगठन को और व्यापक तथा मजबूत बनाने का संदेश दिया।






