
गोरखपुर, 13 अगस्त 2026:
गोरखपुर में 52 वर्षीय पशु चिकित्सक परमात्मा सिंह ने अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल से छलांग लगाकर जान दे दी। पुलिस को उनकी जेब से एक पेज का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने 1.40 करोड़ रुपये की ठगी के मामले की आरोपी गरिमा सिंह को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है।
सुबह घर से निकले, छत पर पहुंचे और लगा दी छलांग
घटना गोरखनाथ क्षेत्र की राजेंद्र नगर कॉलोनी स्थित बसंत इंक्लेव की है। महराजगंज जिले में तैनात परमात्मा सिंह इसी अपार्टमेंट की दूसरी मंजिल पर पत्नी सावित्री सिंह और दो बच्चों के साथ रहते थे। उनकी पत्नी भी पशु चिकित्सक हैं। गुरुवार सुबह दोनों ने साथ में नाश्ता। इसके बाद परमात्मा सिंह अकेले बिल्डिंग की आठवीं मंजिल की छत पर चले गए। वहां करीब 15 मिनट तक टहलते रहे। सुबह करीब 9:13 बजे उन्होंने छत से छलांग लगा दी। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। परिवार और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिवार में दो बच्चे हैं। घटना के बाद कॉलोनी और विभाग के लोगों में शोक का माहौल है।
जेब से मिला सुसाइड नोट, आरोपी महिला गरिमा का लिखा नाम
मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच के दौरान डॉक्टर की जेब से एक पेज का सुसाइड नोट बरामद किया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, नोट में उन्होंने ठगी की आरोपी गरिमा सिंह को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने नोट को कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सात दिन पहले दर्ज कराया था 1.40 करोड़ की ठगी का केस, घर गए थे रकम
परमात्मा सिंह ने 5 अगस्त को एम्स थाने में 1.40 करोड़ रुपये की ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि सहजनवा रेलवे स्टेशन के अधीक्षक ध्रुव नारायण सिंह, उनकी बेटी गरिमा सिंह और परिवार के अन्य लोगों ने भरोसे में लेकर उनसे बड़ी रकम ले ली। बताते हैं कि परमात्मा सिंह आरोपी के घर भी गए थे वहां उसे अपमानित होना पड़ा। जब उन्होंने पैसे वापस मांगे तो टालमटोल की गई और बाद में धमकियां भी दी गईं।
जेल में हैं आरोपी महिला व उसका अफसर पिता
एफआईआर के मुताबिक, आरोपी गरिमा सिंह पीएचडी पास है। उसके पिता ध्रुव नारायण सिंह सहजनवा रेलवे स्टेशन पर अधीक्षक हैं, जबकि उसका पति शिक्षक है। पुलिस ने जांच के बाद ध्रुव नारायण सिंह और गरिमा सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच चल रही है।
गिरफ्तारी के बाद भी तनाव में थे डॉक्टर
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद परमात्मा सिंह गहरे मानसिक तनाव में थे। परिवार के लोगों ने भी बताया कि ठगी के बाद वह काफी परेशान रहने लगे थे। शुरुआती जांच में पुलिस इसी मानसिक दबाव और आत्महत्या के बीच संबंध की पड़ताल कर रही है। बता दें डॉक्टर परमात्मा सिंह के अलावा अन्य लोगों ने भी उस पर जालसाजी कर रकम हड़पने की एफआईआर दर्ज कराई थी।

अरबपति बनने के जुनून में पिता के साथ मिलकर शुरू की ठगी, कईयों को शिकार बनाया
गरिमा सिंह गोरखपुर के एम्स थाना क्षेत्र की महादेवी झारखंडी कॉलोनी की रहने वाली है। उसकी शादी साल 2020 में कुशीनगर के सुकरौली निवासी भानू प्रताप सिंह से हुई थी। भानू प्रताप ठेकेदारी का काम करता है। उसका काम ठीक नहीं चल रहा था। कुछ समय से दोनों गरिमा के पिता ध्रुव नारायण सिंह के घर रह रहे थे। पुलिस को गरिमा के पास से एक डायरी मिली थी। उसमें वह रोज अपने लिए लक्ष्य लिखती थी। डायरी में दर्ज एक नोट के मुताबिक उसने अप्रैल 2026 तक अरबपति बनने, सभी लोन खत्म करने और 100 करोड़ रुपये कमाने का लक्ष्य लिखा था। साथ ही भगवान का धन्यवाद भी लिखती थी। पुलिस ने ये डायरी कब्जे में ले ली थी।






