
गोरखपुर, 7 सितंबर 2026:
यूपी के गोरखपुर में राप्ती नदी किनारे रामघाट पर दाह संस्कार के दौरान बड़ा हादसा हो गया। साथी वकील विनोद तिवारी की मां के अंतिम संस्कार में पहुंचे दो वकील चबूतरे के पास बैठे थे। इसी दौरान ऊपर बना छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया। मलबे की चपेट में आने से आलोक अस्थाना व संजय सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। आलोक ने 30 मिनट बाद दम तोड़ा वहीं संजय ने नौ घंटे बाद अंतिम सांस ली। बताया गया कि आकाशीय बिजली की वजह से छज्जा गिरा। मौके पर एंबुलेंस आने में देरी से वकील भड़क गए और हंगामा खड़ा हो गया। मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया गया। हरकत में आए डीएम ने सीएमओ जेई व ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
धूप से बचने के लिए चबूतरे पर बैठे
45 वर्षीय आलोक अस्थाना व शक्ति नगर निवासी 43 वर्षीय संजय सिंह रविवार की दोपहर दाह संस्कार में शामिल होने रामघाट पहुंचे थे। धूप तेज होने पर दोनों अपने साथी आलोक मिश्रा के साथ घाट किनारे बने चबूतरे पर बैठ गए। कुछ देर बाद अचानक छज्जा नीचे आ गिरा। आलोक अस्थाना व संजय सिंह मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

कुत्ते को भगाने उठे तीसरे वकील की बची जान
हादसे के वक्त आलोक मिश्रा भी उसी जगह बैठे थे। इसी दौरान सामने कुत्ता आ गया। उसे भगाने के लिए वह उठकर कुछ दूर हुए ही थे कि छज्जा गिर गया। इस वजह से वह हादसे की चपेट में आने से बच गए। घटना के बाद घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
आधे घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंचने का आरोप
लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस को फोन किया। परिजनों का आरोप है कि करीब आधे घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। हालत गंभीर होने पर आलोक अस्थाना को पिकअप से जिला अस्पताल ले जाया गया, जबकि संजय सिंह को ई-रिक्शा से अस्पताल पहुंचाया गया।
मेडिकल कॉलेज रेफर से पहले हॉस्पिटल की व्यवस्था पर भड़के वकील
जिला अस्पताल में दोनों की हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिजनों के मुताबिक मेडिकल कॉलेज ले जाते समय आलोक अस्थाना की मौत हो गई। संजय सिंह ने भी इलाज के दौरान नौ घंटे बाद दम तोड़ दिया। दोनों वकीलों की मौत की जानकारी मिलते ही साथी अधिवक्ता जिला अस्पताल पहुंच गए। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्होंने हंगामा किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। मामले में अस्पताल प्रबंधन की भूमिका की जांच शुरू कर दी गई है।

पत्नी ने सीएमओ पर लगाया गंभीर आरोप
आलोक अस्थाना की पत्नी शालिनी ने आरोप लगाया कि एंबुलेंस देर से पहुंची। अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टर की मौजूदगी को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। उनका कहना है कि इस संबंध में सीएमओ राजेश झा को फोन किया गया था। पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने सीएमओ समेत अस्पताल के कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
निर्माण से जुड़े जेई व ठेकेदार पर भी कार्रवाई
हादसे की जानकारी मिलने के बाद डीएम दीपक मीणा मौके पर पहुंचे। उन्होंने चबूतरे के निर्माण से जुड़े तत्कालीन जेई व ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने दोनों मृत वकीलों के परिवारों को आपदा प्रबंधन विभाग से चार-चार लाख रुपये की मदद देने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा शासन से पांच-पांच लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता के लिए पत्र भेजा गया है।
आकाशीय बिजली की आशंका भी जांच में
डीएम दीपक मीणा के मुताबिक शुरुआती जानकारी में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी सामने आई है। हादसे की वजह स्पष्ट करने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इलाज में लापरवाही के आरोपों को लेकर संबंधित लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। चबूतरे के निर्माण से जुड़े तत्कालीन जेई व ठेकेदार की भूमिका की भी जांच की जा रही है।






