
लखनऊ, 14 अगस्त 2026:
उत्तर प्रदेश में आजादी की लड़ाई से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों को अब नए अंदाज में विकसित किया जा रहा है। Tourism Department स्वतंत्रता संग्राम सर्किट का लगातार विस्तार कर रहा है। इसका मकसद उन जगहों को सिर्फ स्मारक बनाकर छोड़ना नहीं, बल्कि ऐसे Tourist Destination के रूप में तैयार करना है, जहां लोग स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास को करीब से जान सकें।
पर्यटकों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम सर्किट के तहत विकसित हो रहे स्थलों पर बेहतर Connectivity, Way Finding, सूचना बोर्ड, व्याख्या केंद्र, सौंदर्यीकरण, बैठने की व्यवस्था जैसी सुविधाएं तैयार की जा रही हैं। कोशिश यह है कि पर्यटक यहां पहुंचकर इतिहास को केवल पढ़ें नहीं, बल्कि उसे महसूस भी कर सकें।
वाराणसी में बनेगा शहीदों की याद में म्यूरल पार्क
वाराणसी के पिंडरा क्षेत्र के करखियांव गांव में स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्थल का विकास 18.26 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। अब तक 8 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। यहां आजादी की लड़ाई में शहीद हुए 26 लोगों की स्मृति में म्यूरल पार्क बनाया जा रहा है, जहां उनकी वीरगाथा को चित्रों के जरिए दिखाया जाएगा।
रायबरेली, लखनऊ में भी तेजी से चल रहा काम
रायबरेली के ऊंचाहार स्थित मुंशीगंज शहीद स्मारक का 4.51 करोड़ रुपये की लागत से विकास कराया जा रहा है। परियोजना का करीब 85 फीसदी काम पूरा हो चुका है। लखनऊ के उमरिया मजरे मुसपिपरी गांव में अमर शहीद राजा दिग्विजय सिंह स्मारक के विकास के लिए करीब 1 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसमें 55 लाख रुपये जारी हो चुके हैं। औरैया,
बलिया, शाहजहांपुर में भी नई पहचान
औरैया के ककोर स्थित तिरंगा पार्क का जिला योजना के तहत विकास किया जा रहा है, ताकि इसे स्वतंत्रता आंदोलन की यादों से जुड़े आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में तैयार किया जा सके। बलिया के सिताबदियारा में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जन्मस्थली के साथ सेवादास धाम मंदिर का विकास भी कराया जा रहा है। जिले में मंगल पांडेय स्मारक का 1.55 करोड़ रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण पूरा किया गया है। वहीं बांसडीह में वीर कुंवर सिंह शहीद स्मारक का निर्माण 86 लाख रुपये की लागत से कराया गया है। शाहजहांपुर के जसवंतपुर गांव में शहीद करतम सिंह पार्क का निर्माण और सौंदर्यीकरण 79 लाख रुपये की लागत से पूरा किया गया है।

हरदोई, मेरठ, सहारनपुर में खास परियोजनाएं
हरदोई के ग्राम सेमरिया स्थित शहीद स्थल का 41 लाख रुपये की लागत से विकास कराया गया है।
मेरठ में 1857 की क्रांति से जुड़े प्रमुख स्थलों और शहीद स्मारक पर 4.53 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। सीमावर्ती गांव भामौरी में स्मारक परिसर के साथ संग्रहालय का निर्माण भी अंतिम चरण में है।
सहारनपुर के चकवाली गांव में भारत के नक्शे की आकृति वाले सुभाष चंद्र बोस भारत सरोवर को इको-टूरिज्म परियोजना के तहत करीब 2.43 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है।
बुलंदशहर में शहीद स्मारक का सौंदर्यीकरण
बुलंदशहर में शहीद नाईक तुला सिंह की प्रतिमा और स्मारक परिसर के आसपास करीब 97 लाख रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण कराया गया है। इसका उद्देश्य शहीद की विरासत को सुरक्षित रखने के साथ स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देना है।
नई पीढ़ी तक पहुंचेगी आजादी की कहानी
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आजादी की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। स्वतंत्रता संग्राम सर्किट के जरिए उन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है, जहां देश की आजादी के लिए संघर्ष हुआ था। उनका कहना है कि इन परियोजनाओं से ऐतिहासिक धरोहरों को नई पहचान मिलेगी, साथ ही स्थानीय स्तर पर Tourism, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।






