Lucknow City

LDA की वशिष्ठ नगर योजना में 50 एकड़ जमीन पर स्टार्टअप की उड़ान, उभरेगा औद्योगिक व रोजगार केंद्र

लखनऊ में आगरा एक्सप्रेस-वे किनारे 1035 एकड़ में बनेगी नई आर्थिक ताकत, MSME, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक क्लस्टर से राजधानी में रोजगार का बड़ा बूस्ट

लखनऊ, 19 अगस्त 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ के विस्तार के साथ अब आर्थिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार देने की तैयारी है। आगरा एक्सप्रेस-वे के किनारे विकसित होने वाली वशिष्ठ नगर योजना में स्टार्टअप और एमएसएमई सेक्टर के लिए 50 एकड़ जमीन आरक्षित की जाएगी। यहां सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम स्थापित किए जाएंगे। इससे युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता के नए अवसर पैदा होंगे। एलडीए की इस महत्वाकांक्षी योजना को शासन ने मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत मंजूरी दे दी है।

लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि आगरा एक्सप्रेस-वे पर करीब 6,580 एकड़ क्षेत्रफल में वरुण विहार आवासीय योजना विकसित की जा रही है। इसी क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए वशिष्ठ नगर योजना का प्रस्ताव तैयार किया गया। करीब 1035 एकड़ में विकसित होने वाली इस योजना में औद्योगिक, लॉजिस्टिक और व्यावसायिक क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।

एमएसएमई के नये हब से राजधानी में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती

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वशिष्ठ नगर में भारत सरकार के एमएसएमई विभाग को 50 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। एमएसएमई विभाग की सरदार वल्लभ भाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र योजना के तहत यहां सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम स्थापित होंगे। इससे राजधानी में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती मिलने के साथ युवाओं को रोजगार और अपना कारोबार शुरू करने के अवसर मिलेंगे।

राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन से जुड़ेगा लखनऊ

वशिष्ठ नगर की सबसे बड़ी ताकत इसकी कनेक्टिविटी होगी। योजना आगरा एक्सप्रेस-वे, मोहन रोड, लिंक एक्सप्रेस-वे और वरुण विहार योजना जैसे प्रमुख कॉरिडोर से सीधे जुड़ेगी। इससे उद्योग, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और परिवहन क्षेत्र को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। एलडीए का मानना है कि यह क्षेत्र भविष्य में उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन के विजन को जमीन पर उतारने और लखनऊ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।

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छह गांवों की जमीन जुटाई की चल रही प्रक्रिया

योजना के लिए रेवरी, भलिया, गहलवारा, आदमपुर इन्दवारा, बहरू और जलियामऊ की भूमि चिन्हित की गई है। शासन की मंजूरी के बाद अब किसानों की सहमति और अन्य माध्यमों से भूमि जुटाने की प्रक्रिया शुरू होगी। एलडीए के अनुसार भूमि संकलन पर करीब 1328 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यानी आने वाले वर्षों में वशिष्ठ नगर केवल आवासीय विस्तार नहीं बल्कि लखनऊ के नए औद्योगिक और रोजगार केंद्र के रूप में उभरने की तैयारी में है।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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