
लखनऊ, 22 अगस्त 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में इन दिनों सिन्धी समाज की आस्था और भक्ति का रंग गहराया हुआ है। भगवान झूलेलाल जी के चलिह्या महोत्सव को लेकर शहर के अलग-अलग इलाकों में मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर विशेष आयोजन हो रहे हैं। राजाजीपुरम से लेकर इंदिरानगर, मवैया, कृष्णानगर, अलीगंज और विकासनगर तक सिन्धी समाज पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस पर्व को मना रहा है।
सक्खर सिन्ध पंचायत के अध्यक्ष संजय जेसवानी के मुताबिक सिन्धी समाज हर वर्ष 16 अप्रैल से 24 अगस्त तक लगातार 40 दिन भगवान झूलेलाल जी की आराधना करता है। इसके बाद 25 अगस्त को पूज्य बहिराणा साहिब की पूजा के साथ चलिह्या महोत्सव का समापन होता है।
इस दौरान आस्था के साथ संयम और सादगी भी इस पर्व की खास पहचान है। रतन मेघानी एवं हंसराज राजपाल ने बताया कि चलिह्या के दिनों में समाज के पुरुष जमीन पर सोते हैं जबकि महिलाएं भी सादगीपूर्ण जीवन जीती हैं। परिवार के सभी सदस्य प्रतिदिन मंदिर जाकर भगवान झूलेलाल जी की नियमित उपासना करते हैं।
इस दौरान झूलेलाल भवन इंदिरानगर में भगवान को 56 भोग अर्पित किया गया। इसमें राजू जसवानी, सतीश लखमानी, इंदर कालानी सहित पूरी संगत का सहयोग रहा। वहीं राजाजीपुरम के दीपक छाबड़ा एवं नरेश चौधरी के अनुसार आगामी रविवार को झूलेलाल मंदिर में भी 56 भोग का प्रसाद चढ़ाया जाएगा।
चलिह्या के समापन पर 25 अगस्त को उत्तर प्रदेश सिन्धी अकादमी के तत्वावधान में झूलेलाल वाटिका में विशेष कार्यक्रम होगा। मुंबई से संजू भगत एवं पार्टी भजनों की संगीतमय प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बनाएगी। इस तरह चलिह्या सिन्धी समाज के लिए धार्मिक अनुष्ठान के साथ परिवार, परंपरा और सामुदायिक एकजुटता का उत्सव भी बन गया है।






