
लखनऊ, 30 जुलाई 2026:
नीट पेपर लीक, छात्रसंघ चुनाव की बहाली, जौहर विश्वविद्यालय और छात्रों से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर समाजवादी छात्र सभा ने गुरुवार को यूपी की राजधानी लखनऊ में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी पार्टी के झंडे, बैनर और प्रतीकात्मक फांसी का फंदा लेकर 1090 चौराहे पर पहुंचे और केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय गरमा गया जब पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद हालात धक्का-मुक्की तक पहुंच गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों में बैठाना शुरू किया लेकिन कई कार्यकर्ता इसका विरोध करते हुए बसों की छत पर चढ़ गए और वहीं से नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने उन्हें नीचे उतारकर बसों में बैठाया और सभी प्रदर्शनकारियों को ईको गार्डन ले जाकर छोड़ दिया। पूरे घटनाक्रम के दौरान मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

समाजवादी छात्र सभा ने मांग की कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में जल्द छात्रसंघ चुनाव कराए जाएं, पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगे, छात्रों पर लाठीचार्ज बंद किया जाए और हर वर्ष होने वाली फीस वृद्धि पर अंकुश लगाया जाए। संगठन ने गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों के लिए सस्ती शिक्षा सुनिश्चित करने, विश्वविद्यालयों में छात्रों के निष्कासन की कार्रवाई रोकने तथा जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े छात्र हितों और शैक्षणिक व्यवस्थाओं से संबंधित लंबित समस्याओं के समाधान की भी मांग उठाई।
प्रदेश सचिव जय सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार छात्रों और नौजवानों की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग कर रही है। उनका कहना था कि प्रदर्शन के दौरान दिव्यांग कार्यकर्ताओं के साथ भी अमानवीय व्यवहार किया गया और शांतिपूर्ण विरोध करने वालों को हिरासत में लेकर जेल भेजने का प्रयास किया गया। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।






