
देहरादून, 21 अगस्त 2026:
उत्तराखंड में चल रहे Special Intensive Revision (SIR)-2026 के तहत मतदाता सूची को लेकर मिले दावे-आपत्तियों के निस्तारण की निगरानी के लिए 9 IAS/PCS अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम के आदेश पर ये अधिकारी संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग करेंगे।
जिलों में निगरानी को पर्यवेक्षण अधिकारी तैनात
हरिद्वार में संदीप तिवारी, ललित नारायण मिश्र, नन्द कुमार व गोपाल राम बिनवाल को पर्यवेक्षण अधिकारी बनाया गया है। नैनीताल में संजय कुमार व विनीत तोमर को जिम्मेदारी मिली है। ऊधम सिंह नगर में प्रकाश चन्द्र दुम्का, जय किशन व दिवेश शाशनी दावे-आपत्तियों के निस्तारण की निगरानी करेंगे।
नोटिस से सुनवाई तक रहेगी नजर
नामित अधिकारी मतदाता सूची से जुड़े दावे-आपत्तियों के मामलों में नोटिस जारी होने, उनकी तामीली व सुनवाई की प्रक्रिया देखेंगे। साथ ही निर्वाचन आयोग की तय गाइडलाइन के मुताबिक मामलों के निस्तारण की गुणवत्ता पर भी नजर रखी जाएगी।

सप्ताह में दो बार देनी होगी रिपोर्ट
पर्यवेक्षण अधिकारियों को अपने दैनिक निरीक्षण की रिपोर्ट संबंधित मंडलायुक्त के जरिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को सप्ताह में दो बार भेजनी होगी। इसके लिए Manual on Electoral Roll-2023 के अध्याय 11 में तय प्रक्रिया व reporting format का पालन किया जाएगा।
कांग्रेस ने भी उठाए SIR से जुड़े मुद्दे
इसी बीच कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम से मुलाकात कर SIR को लेकर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने इस दौरान ज्ञापन भी सौंपा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि SIR की प्रक्रिया तय नियमों के मुताबिक चल रही है। जिन जिलों में दावे-आपत्तियां ज्यादा मिली हैं, वहां 9 वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को अतिरिक्त पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी दी गई है।
राजनीतिक दलों के साथ नियमित बैठक करने के निर्देश
उन्होंने बताया कि गढ़वाल व कुमाऊं मंडल के मंडलायुक्तों को मतदाता सूची की निगरानी का जिम्मा दिया गया है। सभी जिलों को राजनीतिक दलों के साथ नियमित बैठक करने के निर्देश भी दिए गए हैं। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में मनोज रावत, राजेन्द्र भंडारी, सूर्यकांत धस्माना, जसविंदर सिंह गोगी, प्रतिमा सिंह व सुजाता पाल शामिल रहे।






