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उत्तराखंड में Investment का नया प्लान, धामी ने उद्योग जगत के सामने गिनाईं ये बड़ी ताकतें

सीएम ने नई दिल्ली में हुए कार्यक्रम में रखी राज्य की तस्वीर, औद्योगिक निवेश के लिए हरिद्वार, देहरादून व ऊधमसिंह नगर को बताया मजबूत आधार, पर्वतीय जिलों में Industrial Parks पर काम, 34 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी मिलने का दावा

नई दिल्ली, 22 अगस्त 2026:

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में एक संस्थान के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने Uttarakhand: Powering India’s Industrial Growth विषय पर राज्य की औद्योगिक क्षमता, Investment Potential, कनेक्टिविटी, रोजगार व विकास मॉडल को उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के सामने रखा।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद बदली तस्वीर

धामी ने कहा कि 2023 में हुए Global Investors Summit के बाद उत्तराखंड की औद्योगिक पहचान में बदलाव आया है। समिट में 50 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। सरकार ने निवेश प्रस्तावों को केवल MoU तक सीमित रखने के बजाय उन्हें जमीन पर उतारने की तैयारी पहले से की। निवेश का माहौल बेहतर बनाने के लिए 30 से ज्यादा नई नीतियां लागू की गईं, जिसका असर Investment Grounding में दिखाई दे रहा है।

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सीमित लैंड बैंक, फिर भी बड़े औद्योगिक क्षेत्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति दूसरे राज्यों से अलग है। राज्य में बड़े Industrial Land Bank की गुंजाइश सीमित है, लेकिन हरिद्वार, देहरादून व ऊधमसिंह नगर में उद्योगों की जरूरत के मुताबिक जमीन उपलब्ध है। उन्होंने उद्योग जगत को राज्य में निवेश का न्योता देते हुए कहा कि सरकार जमीन के साथ जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर काम कर रही है।

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दिल्ली से देहरादून की कनेक्टिविटी बनी ताकत

धामी ने कनेक्टिविटी को उत्तराखंड के लिए बड़ा Advantage बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून Economic Corridor शुरू होने से दोनों शहरों के बीच सफर का समय कम हुआ है। देहरादून से देश के प्रमुख शहरों के लिए 50 से ज्यादा हवाई सेवाएं उपलब्ध हैं। हरिद्वार प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है, जबकि पंतनगर कृषि के साथ Industrial Hub के तौर पर भी उभर रहा है। प्रस्तावित Greenfield Airport को भी उन्होंने Industrial व Logistics Growth के लिहाज से अहम बताया।

Gen-Z की जरूरत समझकर अवसर तैयार करने होंगे

मुख्यमंत्री ने Gen-Z को Indian Generation बताते हुए कहा कि आज का युवा दुनिया से जुड़ा हुआ है, जागरूक है व अपनी आकांक्षाओं को लेकर स्पष्ट है। Digital व Communication Revolution ने युवाओं को दुनिया के अवसरों से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की जरूरत समझकर उसी हिसाब से अवसर तैयार करने होंगे।

पहाड़ में Industrial Parks पर जोर

सरकार का फोकस औद्योगिक गतिविधियों को मैदानी इलाकों से आगे पर्वतीय जिलों तक ले जाने पर भी है। धामी ने बताया कि पौड़ी, अल्मोड़ा व चमोली में Industrial Parks विकसित करने की दिशा में काम चल रहा है। One District One Product जैसी योजनाओं के जरिए स्थानीय उत्पादों, छोटे कारोबारियों व पारंपरिक आर्थिक गतिविधियों को बाजार से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

SDG Ranking का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड ने निवेश के अनुकूल माहौल बनाने में बेहतर काम किया है। उन्होंने नीति आयोग की SDG Ranking में राज्य के शीर्ष स्थान पर रहने का जिक्र किया। पर्वतीय व पूर्वोत्तर राज्यों की श्रेणी में भी उत्तराखंड को बेहतर नीतिगत माहौल वाले राज्यों में शामिल बताया।

34 हजार से ज्यादा युवाओं को मिली नौकरी

रोजगार के मुद्दे पर धामी ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि 4 जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद भर्ती प्रक्रिया को साफ-सुथरा बनाने पर जोर दिया गया। Paper Leak व नकल के मामलों में कार्रवाई की गई, नकल माफिया से जुड़े करीब 100 लोगों को जेल भेजा गया। पिछले पांच साल में 34 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति देने का दावा किया।

स्टार्टअप इकोसिस्टम में भी बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में Startup Ecosystem के विस्तार का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री बनने के समय राज्य में करीब 700 स्टार्टअप थे, जिनकी संख्या अब लगभग 2 हजार हो गई है। Homestay, छोटे होटल, कृषि, बागवानी व स्थानीय कारोबार के जरिए युवा व महिलाएं स्वरोजगार की तरफ बढ़ रहे हैं।

13 हजार से ज्यादा लोगों ने ली उद्यमशाला ट्रेनिंग

धामी ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला का जिक्र करते हुए कहा कि इस पहल के जरिए युवाओं व महिलाओं को कारोबार शुरू करने, Product तैयार करने, Market से जुड़ने, Training लेने व Loan Process की जानकारी दी जा रही है। अब तक 13 हजार से ज्यादा लोग इसका प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं।

पलायन के जवाब में रिवर्स माइग्रेशन पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के विकास में पहाड़ का पानी, पहाड़ की जवानी को स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ना बड़ी प्राथमिकता है। Tourism, Self Employment व स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलने से Reverse Migration की दिशा में बदलाव आया है। उन्होंने राज्य में रिवर्स माइग्रेशन 44 फीसदी बढ़ने का दावा किया।

चारधाम से आदि कैलाश तक पर्यटन पर फोकस

धामी ने पर्यटन को उत्तराखंड की Economy का अहम आधार बताया। उन्होंने चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा व आदि कैलाश का जिक्र करते हुए कहा कि इन धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। चारधाम यात्रा के पहले चरण में 47 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की बात कही गई। कांवड़ यात्रा में करीब 4.80 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का दावा किया गया। आदि कैलाश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के बाद पर्यटकों व श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।

ऑटोमोबाइल कंपनियों को निवेश का न्योता

धामी ने उत्तराखंड को सुरक्षित, शांतिपूर्ण व निवेश की संभावनाओं वाला राज्य बताते हुए उद्योग जगत से निवेश की अपील की। उन्होंने मारुति व हुंडई समेत प्रमुख Automobile Companies के शीर्ष नेतृत्व को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों की जरूरत के मुताबिक जमीन, Infrastructure व Investor Friendly Policies उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम कर रही है।

उत्तराखंड बन रहा नया ग्रोथ मॉडल

धामी ने कहा कि उत्तराखंड का विकास मॉडल अब केवल पर्यटन व प्राकृतिक संसाधनों तक सीमित नहीं है। Industrial Development, Startup, Self Employment, Digital Economy, Connectivity, Local Products व पर्वतीय क्षेत्रों में नई आर्थिक गतिविधियों को इसमें शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि निवेश से बनने वाले रोजगार के अवसरों का फायदा राज्य के मैदानी व पर्वतीय क्षेत्रों तक पहुंचाने पर सरकार का फोकस है।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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