
स्पोर्ट्स डेस्क, 23 अगस्त 2026:
FIH Men’s Hockey World Cup 2026 के दूसरे दौर में भारत को ओलंपिक चैंपियन नीदरलैंड्स के खिलाफ 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। एम्स्टेलवीन के वैगनर हॉकी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने पहले दो क्वार्टर में डच टीम को गोल करने नहीं दिया, लेकिन तीसरे क्वार्टर के बाद मुकाबले का रुख बदल गया। इस हार से भारत की सेमीफाइनल की राह बेहद मुश्किल हो गई है।
पहले हाफ में भारत की डिफेंस मजबूत
पहले क्वार्टर में दोनों टीमों को मौके मिले, लेकिन गोल नहीं हो सका। 13वें मिनट में नीदरलैंड्स को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे भारतीय डिफेंस ने रोक दिया। दूसरे क्वार्टर में भी डच टीम ने लगातार दबाव बनाया। उसे बैक-टू-बैक पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन भारत के गोलकीपर व डिफेंस ने खतरा टाल दिया।हाफ टाइम तक स्कोर 0-0 रहा। पहले हाफ में नीदरलैंड्स को चार पेनल्टी कॉर्नर मिले, जबकि भारत को एक भी पेनल्टी कॉर्नर नहीं मिला। भारत की तरफ से दिलप्रीत सिंह के पास मौका आया, लेकिन वह इसे गोल में नहीं बदल सके।
तीसरे क्वार्टर में नीदरलैंड्स ने खोला खाता
तीसरे क्वार्टर में भारत को अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला। 35वें मिनट में रेफरल के बाद भारत को यह मौका मिला। कप्तान हरमनप्रीत सिंह की ड्रैग फ्लिक डच खिलाड़ी के पैर से टकराई, जिसके बाद भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस मौके पर हरमनप्रीत की फ्लिक गोल पोस्ट के पास से निकल गई। भारत की कोशिशों के बीच 41वें मिनट में नीदरलैंड्स ने बढ़त बना ली। टिजमेन रेयेंगा के रिवर्स हिट के बाद ड्यूको टेल्गेनकैंप ने गेंद को गोल में पहुंचा दिया।

आखिरी क्वार्टर में तीन गोल
चौथे क्वार्टर में मुकाबला पूरी तरह तेज हो गया। 51वें मिनट में टजेप होडेमेकर्स ने फील्ड गोल कर नीदरलैंड्स की बढ़त 2-0 कर दी। इसके ठीक एक मिनट बाद भारत को राहत मिली। 52वें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर स्कोर 1-2 कर दिया। भारत के पास वापसी का मौका बना, लेकिन 55वें मिनट में थिज्स वैन डैम ने नीदरलैंड्स के लिए तीसरा गोल कर दिया। इसके बाद भारत बराबरी नहीं कर सका। नीदरलैंड्स ने 3-1 से मुकाबला जीत लिया। मैच में भारत को कुल सात पेनल्टी कॉर्नर मिले, जबकि नीदरलैंड्स को चार मौके मिले।
सेमीफाइनल का गणित अब बेहद पेचीदा
2026 World Cup के नए format में दूसरे दौर के Pool E व Pool F से शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। भारत दूसरे दौर की शुरुआत बिना carry-forward points के कर रहा था। नीदरलैंड्स से हार के बाद उसके खाते में अभी कोई अंक नहीं है।
भारत के लिए राहत की बात यह रही कि अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 3-1 से हरा दिया। इससे भारत की सेमीफाइनल की उम्मीद पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। अब भारत को 24 अगस्त को अर्जेंटीना के खिलाफ अपना आखिरी मुकाबला जीतना होगा। साथ ही इंग्लैंड को नीदरलैंड्स के खिलाफ हारना जरूरी होगा। इसके बाद भारत को गोल अंतर के आधार पर शीर्ष दो में जगह बनाने की कोशिश करनी होगी।

अर्जेंटीना के खिलाफ करो या बाहर वाला मुकाबला
भारत के लिए सेमीफाइनल का समीकरण अब बेहद मुश्किल है। हार के बाद भारत के खाते में 0 अंक हैं और उसका गोल अंतर -4 है। अब 24 अगस्त को अर्जेंटीना को हराना जरूरी है, लेकिन सिर्फ जीत से काम नहीं चलेगा। भारत को अर्जेंटीना के खिलाफ बड़े अंतर से जीत हासिल करनी होगी, साथ ही नीदरलैंड्स को अपने आखिरी मैच में इंग्लैंड को हराना होगा। अगर नीदरलैंड्स-इंग्लैंड मैच ड्रॉ रहता है या इंग्लैंड जीत जाता है तो भारत सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो जाएगा। नीदरलैंड्स की जीत की स्थिति में भारत, इंग्लैंड और अर्जेंटीना के अंक बराबर होने की स्थिति बन सकती है, तब गोल अंतर निर्णायक होगा। इसलिए भारत के लिए अर्जेंटीना के खिलाफ जितने ज्यादा गोल से जीत होगी, सेमीफाइनल में पहुंचने की संभावना उतनी मजबूत होगी।






