
वाराणसी, 23 अगस्त 2026:
जापान के यामानाशी प्रिफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी के नेतृत्व में भारत आए जापानी प्रतिनिधिमंडल के लिए काशी का दो दिवसीय दौरा आध्यात्मिक अनुभव के साथ भारत-जापान की सांस्कृतिक नजदीकी का भी गवाह बना। रविवार को प्रतिनिधिमंडल के करीब 15 प्रमुख सदस्यों ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन किए और उनका आशीर्वाद लिया।
मंदिर पहुंचने पर जापानी मेहमानों का रुद्राक्ष की माला और अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया गया। जापानी प्रतिनिधिमंडल को मंदिर परिसर में देखकर श्रद्धालुओं ने ‘हर-हर महादेव’ का उद्घोष कर उनका स्वागत किया। खास बात यह रही कि जापानी मेहमान भी इस माहौल में पूरी तरह रचते-बसते नजर आए। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ ‘हर-हर महादेव’ का जयघोष किया। इससे मंदिर परिसर में भारत और जापान की सांस्कृतिक आत्मीयता की अनूठी तस्वीर दिखाई दी।
सावन की भीड़ और काशी की भव्यता ने किया प्रभावित
सावन के पावन महीने में बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लेने पहुंचे जापानी मेहमान काशी में उमड़ी कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखकर अभिभूत नजर आए। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। विशेष रूप से बेहतर क्राउड मैनेजमेंट ने उनका ध्यान खींचा। प्रतिनिधिमंडल ने भव्य और दिव्य काशी विश्वनाथ धाम की आध्यात्मिक आभा को भी करीब से महसूस किया।

काशी यात्रा के दौरान जापानी प्रतिनिधिमंडल ने आध्यात्मिक विरासत के साथ आधुनिक विकास की तस्वीर भी देखी। यामानाशी के गवर्नर कोटारो नागासाकी ने उत्तर प्रदेश सरकार के विकास विजन की प्रशंसा करते हुए प्रदेश में ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की।
काशी से सारनाथ तक दिखी साझी विरासत
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के विकास को नई गति मिली है। उन्होंने जापानी प्रतिनिधिमंडल के काशी आगमन को भारत-जापान के मजबूत होते सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधों का प्रतीक बताया। प्रतिनिधिमंडल ने सारनाथ में भगवान बुद्ध की उपदेशस्थली और काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के जरिए उत्तर प्रदेश की समृद्ध आध्यात्मिक एवं बौद्ध विरासत को करीब से जाना। मंत्री के मुताबिक, यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026 ने पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और निवेश के क्षेत्र में सहयोग के नए अवसर खोले हैं।
निवेश की संभावनाओं पर भी नजर
240 सदस्यीय जापानी प्रतिनिधिमंडल यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026 के तहत भारत आया है। लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार और जापानी प्रतिनिधिमंडल के बीच निवेश एवं सहयोग से जुड़े कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर भी हुए हैं। वाराणसी दौरे में जापानी मेहमानों ने आध्यात्मिक विरासत के साथ यूपी के विकास, आधुनिक व्यवस्थाओं और निवेश की संभावनाओं को भी समझा।
काशी और सारनाथ की इस यात्रा ने धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव के साथ दोनों देशों के बीच पर्यटन, निवेश और सहयोग के रिश्तों को नई दिशा देने का संदेश भी दिया। बाबा विश्वनाथ की नगरी और भगवान बुद्ध की उपदेशस्थली अब भारत-जापान संबंधों में आध्यात्मिकता के साथ विकास और साझेदारी का नया अध्याय जोड़ती नजर आ रही हैं।






