
लखनऊ, 1 सितंबर 2026:
यूपी के शामली के हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड के आरोपियों के एनकाउंटर को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के सवालों ने प्रदेश की सियासत गरमा दी है। अखिलेश के आरोपों पर भाजपा और सहयोगी दलों के नेताओं ने एक सुर में पलटवार करते हुए उनके बयान को ‘गलत नैरेटिव’ करार दिया है। इन नेताओं ने कहा कि योगी सरकार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में जाति या वर्ग नहीं, अपराध की गंभीरता को आधार बनाती है। सरकार की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना और पीड़ितों को न्याय दिलाना है।
‘अखिलेश अब किसी संस्था पर भरोसा नहीं करते’
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष खासकर सपा अध्यक्ष अब किसी भी संस्था पर विश्वास नहीं करते। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल आरोप लगाने की राजनीति कर रहा है और अखिलेश यादव जाति की राजनीति को आगे बढ़ा रहे हैं।

संजय निषाद बोले- अपराधी की कोई जाति नहीं
प्रदेश के मंत्री एवं निषाद पार्टी प्रमुख संजय निषाद ने कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती। अपराधी सिर्फ अपराधी होता है। वह चाहे किसी भी जाति या वर्ग का हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। संजय निषाद ने कहा कि किसी आरोपी की पहचान करने, उसे गिरफ्तार करने, जांच पूरी करने और पुख्ता साक्ष्य जुटाने में समय लगता है। ऐसे मामलों को राजनीतिक रंग देने के बजाय न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा किया जाना चाहिए। सरकार की कोशिश है कि किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो और पीड़ित परिवार को न्याय मिले।

दयाशंकर सिंह ने अखिलेश के कार्यकाल पर उठाए सवाल
प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए उनके कार्यकाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन अपराधियों को पहले राजनीतिक संरक्षण मिलता था, उनमें कई प्रदेश छोड़कर भाग गए, कई जेल में हैं और कई मुठभेड़ में मारे गए। उन्होंने दावा किया कि आज पुलिस तंत्र वही है लेकिन व्यवस्था बदल चुकी है। दयाशंकर ने कहा कि अखिलेश सरकार के दौरान कानून का राज कमजोर था, जबकि मौजूदा सरकार में कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
दिनेश शर्मा का सवाल- अपराधियों को सजा मिलने पर आपत्ति क्यों?
भाजपा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि अंकित बालियान की हत्या के आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने अपनी जान जोखिम में डालकर काम किया। उन्होंने कहा कि अंकित बालियान लोकप्रिय व्यक्तित्व के धनी थे और उनकी जघन्य हत्या की गई थी। आरोपियों के सीसीटीवी फुटेज में कैद होने का हवाला देते हुए उन्होंने सवाल किया कि विधिक प्रक्रिया के तहत अपराधियों को दंड मिलने पर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं।
बृजलाल ने याद दिलाए आतंकवाद के मुकदमे
भाजपा के राज्यसभा सांसद एवं पूर्व डीजीपी बृजलाल ने अखिलेश यादव के आरोपों को ‘फर्जी नैरेटिव’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश सरकार के दौरान आतंकवादियों से जुड़े 14 मुकदमे वापस लेने की कोशिश की गई थी जिनमें रामपुर हमले से जुड़े दो पाकिस्तानी आरोपियों के मामले भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि एसटीएफ और एटीएस की कार्रवाई पर सवाल उठाने के बजाय उनके काम और परिणामों को देखा जाना चाहिए।

‘पीड़ित परिवारों को मिल रहा न्याय’
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक पूजा पाल ने कहा कि योगी सरकार में अपराध होने के बाद भी अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानून-व्यवस्था को लेकर स्पष्ट हैं और माफिया तथा शूटरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। भाजपा विधायक राजेश चौधरी ने भी सपा पर जाति की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार निष्पक्ष तरीके से काम कर रही है और अपराधी की पहचान उसकी जाति से नहीं, उसके अपराध से होती है।

अंकित बालियान हत्याकांड के आरोपियों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब महज पुलिस कार्रवाई पर सवाल तक सीमित नहीं है। इसके जरिए भाजपा और सपा के बीच कानून-व्यवस्था, एनकाउंटर और जातीय राजनीति पर पुरानी सियासी लड़ाई एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है।






