
लखनऊ, 4 सितंबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में सिंधी समाज ने गुरुवार को पारंपरिक थदड़ी पर्व धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर सिंधी समाज के परिवारों ने शीतला माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-शांति और आरोग्य की कामना की। थदड़ी पर्व को लेकर समाज में विशेष उत्साह देखने को मिला।
सिंधी समाज में मान्यता है कि थदड़ी के दिन शीतला माता की आराधना करने से परिवार को चेचक और अन्य त्वचा संबंधी रोगों से बचाव मिलता है। इस पर्व की सबसे खास परंपरा यह है कि इस दिन घर में चूल्हा या आग नहीं जलती और ताजा भोजन नहीं बनाया जाता।

सक्खर सिन्ध पंचायत के अध्यक्ष संजय जेसवानी के मुताबिक थदड़ी के लिए एक दिन पहले ही घरों में तरह-तरह के पारंपरिक पकवान तैयार कर लिए जाते हैं। इनमें दाल भरे परांठे, पकौड़े, देशी घी-आटा-चीनी से तैयार पारंपरिक सिंधी मीठा लोला-गच्च, मसालेदार आटे या बेसन की कोकी, रायता, दहीबड़ा, सूखे आलू, भरवां करेला समेत विभिन्न सब्जियां शामिल हैं। रात को सोने से पहले चूल्हे की पूजा कर उसे ठंडा कर दिया जाता है।अगले दिन परिवार इसी ठंडे भोजन को प्रसाद के रूप में ग्रहण करता है।
मन्नू तेजवानी ने बताया कि सुबह महिलाएं पूरे परिवार के साथ शीतला माता की पूजा करती हैं। इस दौरान परिवार के स्वस्थ और सुखी जीवन की प्रार्थना की जाती है। इस मौके पर सिंधी समाज के मोहनदास लधानी, मुरलीधर आहूजा, रतन मेंघानी, सतीश अठवानी, सतेन्द्र भावनानी, श्याम किशनानी, हंसराज राजपाल, दीपक लालवानी, सतीश कांटा, गौतम राजपाल, सुरेश तेजवानी, राजू जसवानी सहित समाज के लोगों ने थदड़ी पर्व की शुभकामनाएं दीं।






