
योगेंद्र मलिक
देहरादून, 5 अगस्त 2026ः
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के खुशहालपुर क्षेत्र में जिला प्रशासन ने सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में आधा दर्जन से अधिक मकानों को ध्वस्त कर सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया। प्रशासन के अनुसार कार्रवाई की जद में आए कई लोग आपराधिक पृष्ठभूमि वाले हैं और उनके खिलाफ गौ हत्या, नशा तस्करी, गुंडा एक्ट व सरकारी भूमि पर कब्जे से संबंधित मामले दर्ज हैं।
प्रशासनिक टीम शनिवार को भारी पुलिस बल के साथ खुशहालपुर पहुंची। इसके बाद चिह्नित किए गए अवैध निर्माणों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई। प्रशासन के अनुसार कार्रवाई से पहले संबंधित संपत्तियों के दस्तावेजों और भूमि की स्थिति की जांच की गई थी। इसके बाद संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए। प्रशासन का दावा है कि सरकारी भूमि पर कब्जा कर किए गए निर्माणों को नियमानुसार हटाया गया है।
आरोपियों पर कई आपराधिक मामले दर्ज
पुलिस के अनुसार कार्रवाई की जद में आए आमिर के खिलाफ 21 गंभीर मामले दर्ज हैं। वहीं, मेहराज के खिलाफ आठ, सलमान के खिलाफ 21, दिलशाद उर्फ मिर्ची के खिलाफ आठ, मोहसिन के खिलाफ 15 और फैजान के खिलाफ 19 मुकदमे दर्ज हैं। कौसर के खिलाफ नशा तस्करी से जुड़े दो मामलों का उल्लेख किया गया है। संबंधित लोगों में कई हिस्ट्रीशीटर हैं और इनके खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामलों में दस्तावेजों की जांच के बाद कार्रवाई की जा रही है।

आरोपियों पर सरकारी जमीनों पर कब्जे के आरोप
एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने कहा कि कार्रवाई की जद में आए लोगों के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें गौ हत्या, ड्रग्स तस्करी, गुंडा एक्ट और सरकारी भूमि पर कब्जे से संबंधित मामले शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कानून के तहत चिह्नित मामलों में कार्रवाई की जा रही है। कहा कि ऐसे लोगों के संबंध में सूचनाएं मिल रही थीं, जिन पर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने और सरकारी जमीनों पर कब्जे के आरोप हैं। एसएसपी ने कहा कि संबंधित लोगों की आपराधिक पृष्ठभूमि और संपत्तियों की जांच के बाद कार्रवाई की जा रही है।
कांग्रेस नेताओं ने कार्रवाई का किया विरोध
अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के दौरान कांग्रेस के कुछ स्थानीय नेताओं ने मौके पर पहुंचकर विरोध जताया। जानकारी के मुताबिक पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने भी अधिकारियों से फोन पर कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई और इसे रोकने का प्रयास किया। हालांकि प्रशासन ने कार्रवाई जारी रखते हुए चिह्नित निर्माणों को ध्वस्त कर सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने की प्रक्रिया पूरी की। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और जांच में अवैध कब्जे पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।






