Varanasi

बच्चों के पोषाहार में था शराब माफिया का दखल… वाराणसी से CM योगी का पूर्व सरकारों पर बड़ा हमला

9वें राष्ट्रीय पोषण माह का आगाज, बोले मुख्यमंत्री- 2017 से पहले तीन-तीन महीने आंगनबाड़ी केंद्रों पर नहीं पहुंचता था राशन, अब 70 हजार से ज्यादा केंद्रों का बदला स्वरूप, 1.56 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंच रही पोषण सेवा

वाराणसी, 9 सितंबर 2026:

पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ किया। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर और प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, बच्चों, किशोरियों और उनके परिवारों के पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल को सरकार की प्राथमिकता बताया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। नन्हें बच्चों को गोद में लेकर दुलारा और उनका अन्नप्राशन कराया। उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों से आईं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से संवाद भी किया और आंगनबाड़ी केंद्रों पर आधारित लघु फिल्म देखी।

‘पहले बच्चे अपना टाट लेकर केंद्रों पर आते थे’

मुख्यमंत्री योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में बच्चों के पोषाहार की सप्लाई तक में शराब माफिया का दखल था। उन्होंने कहा कि तीन-तीन महीने तक आंगनबाड़ी केंद्रों पर राशन नहीं पहुंचता था। बच्चे अपना टाट लेकर केंद्रों पर आते थे। न शुद्ध पेयजल था, न शौचालय और न गर्म भोजन की व्यवस्था।
योगी ने कहा कि उस समय गलती कोई और करता था लेकिन उसकी गाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मिलती थी। 2017 के बाद सरकार ने पोषाहार वितरण व्यवस्था में बदलाव कर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की।

ये भी पढ़ें:

उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में 70 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों का स्वरूप बदला गया है। नए मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों में बाउंड्रीवॉल, बच्चों के लिए शौचालय, शुद्ध पेयजल, पोषण वाटिका और एलईडी स्क्रीन जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। एक केंद्र के निर्माण एवं रिनोवेशन पर करीब 30 लाख रुपये तक खर्च किए जा रहे हैं।

‘नहिं दरिद्र कोउ दुखी न दीना’ से रामराज्य की अवधारणा समझाई

मुख्यमंत्री ने शासन की आदर्श व्यवस्था को रामराज्य से जोड़ते हुए गोस्वामी तुलसीदास की पंक्तियों ‘नहिं दरिद्र कोउ दुखी न दीना। नहिं कोउ अबुध न लच्छन हीना॥’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था का लक्ष्य है जिसमें कोई गरीब, दुखी, दीन-हीन या कमजोर न रहे और हर व्यक्ति स्वस्थ एवं समर्थ समाज के निर्माण में योगदान दे। योगी ने कहा कि बच्चों के शुरुआती वर्षों में पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा पर किया गया निवेश वास्तव में देश के भविष्य में निवेश है। सक्षम विद्यार्थी आगे चलकर कुशल युवा बनेगा और यही युवा आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला रखेगा।
cm-yogi-varanasi-national-nutrition-month-anganwadi-liquor-mafia-attack (2)

1.90 लाख आंगनबाड़ी केंद्र, 1.56 करोड़ लाभार्थी

सीएम ने बताया कि प्रदेश में करीब 1.90 लाख आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं और 897 बाल विकास परियोजनाओं के माध्यम से सेवाएं दी जा रही हैं। हर महीने करीब 1.56 करोड़ लाभार्थियों तक पोषण सेवाएं पहुंच रही हैं। करीब 35.46 लाख बच्चों को हॉट-कुक्ड मील उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि करीब 46 लाख बच्चों के वजन, स्टंटिंग और स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि गर्भावस्था से बच्चे के जीवन के शुरुआती 1,000 दिन बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।

टीएचआर में तकनीक की एंट्री, हर पैकेट की डिजिटल निगरानी

योगी ने बताया कि प्रदेश में भारत सरकार की नवीन पोषण गाइडलाइन के अनुरूप रेसिपी आधारित अनुपूरक पोषाहार लागू किया गया है। टेक-होम राशन व्यवस्था को तकनीक आधारित और पारदर्शी बनाया गया है। प्रदेश में 204 टीएचआर प्लांट स्थापित हो चुके हैं। इनके संचालन में महिला स्वयं सहायता समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस व्यवस्था से 20 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। टीएचआर के परिवहन से लेकर आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुंचने की प्रक्रिया में जीपीएस ट्रैकिंग और रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। प्रत्येक पैकेट पर क्यूआर कोड लगाया गया है, जिससे उसकी डिजिटल ट्रेसिबिलिटी सुनिश्चित हो सके।

‘मेरी आंगनबाड़ी-मेरी जिम्मेदारी’ बनेगा पोषण माह का आधार

इस वर्ष राष्ट्रीय पोषण माह की थीम ‘मेरी आंगनबाड़ी, मेरी जिम्मेदारी’ रखी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, ग्राम पंचायत और गांव के नागरिकों को भी इसकी जिम्मेदारी उठानी होगी। उन्होंने आहार विविधता और पर्याप्त प्रोटीन, ताजा एवं हॉट-कुक्ड मील, सामुदायिक स्वामित्व एवं जवाबदेही, प्रारंभिक शिक्षा और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पर विशेष जोर दिया। योगी ने कहा कि केवल मूंग की दाल की खिचड़ी देने के बजाय उसमें गाजर और दूसरी सब्जियां शामिल करने से स्वाद, रंग और पोषण तीनों बेहतर होते हैं। पोषण अभियान तभी सफल होगा, जब बच्चे खुशी से भोजन करें।

1.60 करोड़ बच्चों को दो-दो यूनिफॉर्म, आंगनबाड़ी से स्कूल तक बदली तस्वीर

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 1.60 करोड़ बच्चों को हर वर्ष दो-दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते-मोजे और स्वेटर दिए जा रहे हैं। अब बाल वाटिकाओं के बच्चों के लिए भी दो-दो यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की व्यवस्था अनिवार्य की जा रही है। ऑपरेशन कायाकल्प के जरिए 1.36 लाख विद्यालयों को बेहतर भवन और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। निपुण भारत अभियान के माध्यम से बच्चों की पढ़ने-लिखने की क्षमता को मजबूत किया जा रहा है और इसका दायरा दूसरी कक्षा से बढ़ाकर पांचवीं कक्षा तक किया गया है।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय चार गुना, बीमा कवर भी मिला

योगी ने कहा कि 2017 से पहले आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को महज तीन हजार रुपये मानदेय मिलता था, जिसे वर्तमान सरकार ने बढ़ाकर 12 हजार रुपये कर दिया है। सहायिकाओं का मानदेय भी छह हजार रुपये किया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं और उनके परिवारों को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराया गया है। करीब 1.56 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्टफोन दिए जा चुके हैं। इनके जरिए केंद्रों की गतिविधियों का रियल टाइम डेटा अपलोड किया जा रहा है।
cm-yogi-varanasi-national-nutrition-month-anganwadi-liquor-mafia-attacks

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की वास्तविक शक्ति उसके बच्चे और युवा हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों, बाल वाटिकाओं और बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों को राष्ट्र निर्माण के शुरुआती केंद्र के रूप में विकसित करना होगा। स्वस्थ बचपन, मजबूत शिक्षा और कुशल युवा ही विकसित भारत की असली नींव तैयार करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश के मंत्री अनिल राजभर, रविंद्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला, हंसराज विश्वकर्मा, सचिव महिला एवं बाल विकास मंत्रालय अनिल मलिक, अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी आदि मौजूद रहीं।

ये भी पढ़ें  क्राइम कंट्रोल में यूपी की बड़ी छलांग...NCRB रिपोर्ट में महिला सुरक्षा के मोर्चे पर देश में नंबर-1

Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button