
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 14 सितंबर 2026ः
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र स्थित पश्मी गांव सोमवार को आस्था और भक्ति से सराबोर नजर आया। उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने पश्मी पहुंचकर न्याय के देवता छत्रधारी चालदा महासू महाराज के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की। साथ ही उत्तराखंड-हिमाचल प्रदेश सहित पूरे देश की सुख-शांति, समृद्धि व खुशहाली की कामना की। मंत्री ने कहा कि छत्रधारी चालदा महासू महाराज उत्तराखंड के जौनसार-बावर और हिमाचल प्रदेश के ट्रांस-गिरी क्षेत्र के लाखों लोगों के आराध्य व कुल देवता हैं।

हनोल स्थित महासू देवता मंदिर में दो दिवसीय पारंपरिक व धार्मिक जांगड़ा (देवनायणी) राजकीय मेले के दूसरे दिन सोमवार को सतपाल महाराज ने छत्रधारी चालदा महासू महाराज के दरबार में शीश नवाया। उन्होंने कहा कि छत्रधारी चालदा महासू महाराज को न्याय के देवता के रूप में पूजा जाता है। सदियों से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के अनेक परिवार महासू महाराज के प्रति अपनी गहरी आस्था रखते हुए उनकी पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पौराणिक, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है। इससे धार्मिक आस्था को मजबूती मिलने के साथ ही पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने पश्मी में श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए हिमाचल प्रदेश के परिवहन मंत्री का आभार जताया। कहा कि हनोल के लिए विशेष बस सेवा संचालित करने के उनके आग्रह को स्वीकार किया गया, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिली है। इससे पूर्व पश्मी मंदिर पहुंचने पर मंदिर समिति एवं स्थानीय श्रद्धालुओं ने ढोल-दमाऊं और फूल-मालाओं के साथ कैबिनेट मंत्री का स्वागत किया।

उल्लेखनीय है कि छत्रधारी चालदा महासू महाराज की ऐतिहासिक प्रवास यात्रा उत्तराखंड के दसऊ गांव से शुरू हुई। टौंस नदी को पार करते हुए लगभग 70 किलोमीटर की छह दिवसीय पैदल यात्रा के बाद चालदा महासू महाराज पश्मी गांव पहुंचे। यहां लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से निर्मित भव्य मंदिर में महाराज विधिवत रूप से विराजमान हुए हैं। परंपरा के अनुसार वे अब एक वर्ष तक पश्मी में प्रवास करेंगे। इस अवसर पर महासू मंदिर समिति के पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी व श्रद्धालु मौजूद रहे।






