
लखनऊ, 16 सितंबर 2026:
मानदेय बढ़ाने समेत पांच सूत्री मांगों को लेकर प्रदेश की आशा वर्कर्स ने बुधवार को राजधानी लखनऊ में प्रदर्शन किया। प्रदेश के सभी जिलों से आईं आशा कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन के बैनर तले डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के आवास का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से उनकी मांगों पर तत्काल सुनवाई की मांग की।
आशा वर्कर्स लंबे समय से मानदेय बढ़ाने समेत अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रही हैं। उनका कहना है कि लगातार जिम्मेदारियां बढ़ने के बावजूद उनकी आर्थिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। आशा कार्यकर्ताओं ने प्रतिमाह 25 हजार रुपये वेतन देने की मांग उठाई।

फतेहपुर से प्रदर्शन में पहुंचीं एक कार्यकर्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश में करीब 1,57,596 आशा कार्यकर्ता तैनात हैं। उनका कहना है कि आशा कार्यकर्ता ग्रामीण और शहरी समुदायों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। गर्भवती महिलाओं की देखभाल, प्रसव के बाद की देखभाल, बच्चों के स्वास्थ्य, टीकाकरण, नसबंदी और परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ ही एनएचएम की विभिन्न योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का काम भी करती हैं।
प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार पर तीखे आरोप लगाए। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि सरकार महिलाओं के सम्मान की बात करती है लेकिन हमारा शोषण हो रहा है। अनपढ़ को 300 रुपये मजदूरी मिलती है और हमें 100 रुपये भी नहीं मिलते। किसी पुरुष से 100 रुपये में 24 घंटे काम करवाकर दिखाएं। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे बच्चों का मुंह देखकर वे यह काम करने को मजबूर हैं। सरकार को उनकी मेहनत और जिम्मेदारियों को देखते हुए मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी करनी चाहिए।






