
लखनऊ, 4 सितंबर 2026:
यूपी के राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के निस्तारण में लापरवाही और सुस्ती अब अधिकारियों को भारी पड़ रही है। राजस्व परिषद ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार तहसीलदार और एक नायब तहसीलदार को निलंबित कर दिया है। पांचों अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
मालूम हो कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में प्रदेश के राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों की स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा की थी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर राजस्व वादों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। सीएम ने स्पष्ट कहा था कि वादों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
धारा-34 के मामलों की हुई गहन समीक्षा
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राजस्व परिषद ने प्रदेश के सभी राजस्व न्यायालयों में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा-34 के तहत दाखिल वादों की न्यायालयवार और अधिकारीवार गहन समीक्षा की। समीक्षा में कई अधिकारियों के स्तर पर लंबित मामलों के निस्तारण की गति संतोषजनक नहीं मिली। शासन की प्राथमिकता के बावजूद समयबद्ध निस्तारण में लापरवाही सामने आने पर परिषद ने कार्रवाई का फैसला लिया।
इन तहसीलदारों और नायाब तहसीलदार पर हुई कार्रवाई
राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा के मुताबिक निलंबित अधिकारियों में तहसीलदार पवन कुमार सिंह तत्कालीन प्रभारी तहसीलदार पट्टी, प्रतापगढ़ और वर्तमान में तहसीलदार प्रयागराज, तहसीलदार अतुल हर्ष तहसील बलिया, तहसीलदार हरेराम यादव तत्कालीन नायब तहसीलदार धनघटा और वर्तमान में तहसीलदार गोण्डा, तहसीलदार आनन्द ओझा तहसील खलीलाबाद, संतकबीर नगर तथा नायब तहसीलदार विवेक कुमार सिंह तहसील सरोजनीनगर लखनऊ शामिल हैं।
लापरवाही पर आगे भी जारी रहेगा एक्शन
राजस्व परिषद ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई महज एक बार की कवायद नहीं है। पांचों अधिकारियों के निलंबन के साथ नियमानुसार अनुशासनिक कार्यवाही शुरू करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। संबंधित मामलों में जिम्मेदारी तय होगी और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिषद लंबित राजस्व वादों की प्रगति की लगातार निगरानी करेगा। अधिकारियों के कामकाज की नियमित समीक्षा होगी और निर्धारित समय सीमा में वादों का निस्तारण न होने पर आगे भी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सरकार का लक्ष्य किसानों और आम नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी और सुलभ राजस्व न्याय उपलब्ध कराना है।






