
लखनऊ, 19 सितंबर 2026:
UP Assembly Elections की आहट के साथ प्रदेश की सियासत में बयानबाजी और दल-बदल का दौर तेज होता जा रहा है। शनिवार को भाजपा और बसपा से जुड़े कई नेताओं ने समाजवादी पार्टी का दामन थामा। इसी दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा सरकार पर रोजगार, निवेश, बिजली, किसान, कानून-व्यवस्था समेत कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार और निवेश के आंकड़ों की ऐसी तस्वीर पेश कर रही है जिसका जमीनी हकीकत से मेल नहीं है।
‘निवेश सिर्फ विज्ञापनों में दिख रहा’
अखिलेश यादव ने कहा कि अखबारों में एक ही दिन में कई-कई विज्ञापन प्रकाशित हो रहे हैं। उनका आरोप था कि निवेश और उद्योग विज्ञापनों में दिखाई दे रहे हैं जबकि नौकरियां न्यूज में दिखाई जा रही हैं। उन्होंने तंज किया कि अगर विज्ञापनों में बताई गई नौकरियों को जोड़ दिया जाए तो प्रदेश में कोई बेरोजगार ही नहीं बचेगा। अखिलेश ने युवाओं को रोजगार नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हुए आय दोगुनी करने के वादे पर भी सरकार को घेरा।
आलू के विज्ञापन का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल किया कि प्रदेश में आलू की कितनी पैदावार हुई, बजट में कितना प्रावधान किया गया और किसानों से कितनी खरीद हुई। उन्होंने कहा कि अगर किसान को एक पैसा भी मिला हो तो सरकार उसे बताए।

AI वीडियो पर भी सरकार को घेरा
अखिलेश ने आरोप लगाया कि आने वाले समय में भाजपा सरकार AI से बने वीडियो देखने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है। उन्होंने विपक्षी नेताओं और पीडीए से जुड़े लोगों को कथित तौर पर परेशान किए जाने का आरोप लगाया। उनका दावा था कि हजारों करोड़ रुपये खर्च कर लोगों की छवि खराब करने और निगेटिव कंटेंट तैयार करने का काम किया जा रहा है। हाल के दिनों में भाजपा और सपा के बीच AI-generated वीडियो को लेकर बयानबाजी भी सामने आई है।
’10 साल में एक भी पावर प्लांट नहीं लगा’
बिजली के मुद्दे पर भी सपा अध्यक्ष ने सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में एक भी नई पावर यूनिट नहीं लगाई गई। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि अब दीयों का कंपटीशन चल रहा है कि कौन ज्यादा दीये जलाएगा। छात्रसंघ चुनावों का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली में छात्रसंघ चुनाव हो सकते हैं तो उत्तर प्रदेश में भी होने चाहिए।
रायबरेली-सीतापुर की घटनाओं पर उठाए सवाल
अखिलेश ने रायबरेली में छात्र सभा के कार्यक्रम को कथित तौर पर रोके जाने और सीतापुर में पुलिस-प्रशासन पर कथित पक्षपात का आरोप लगाया। लखीमपुर में सड़क निर्माण को लेकर वीडियो वायरल करने वाले ग्रामीणों पर कथित अत्याचार का भी उन्होंने मुद्दा उठाया और कहा कि पार्टी की कमेटी वहां भेजी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि सपा इस पर लगातार नजर रख रही है कि एसआईआर में किसी तरह की गड़बड़ी न हो। चुनाव से पहले चुनाव आयोग की समीक्षा पर भी नजर रहेगी।
BSP-BJP से आए नेताओं ने थामा सपा का हाथ
इस दौरान बांदा से बसपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुके मयंक दीक्षित, श्रावस्ती से भाजपा छोड़कर आए नंद किशोर गिरी और उत्तर प्रदेश चेयरमैन संघ के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र कुमार गुप्ता ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। नेताओं के इस दल-बदल को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा के राजनीतिक विस्तार की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।






