
राजकिशोर तिवारी
बद्रीनाथ, 21 सितंबर 2026ः
उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में लोक संस्कृति, सैन्य परंपरा और सीमांत विकास का अनूठा संगम देखने को मिला। भारतीय सेना और जिला प्रशासन चमोली की और से ऑपरेशन सद्भावना के तहत आयोजित दो दिवसीय ‘देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026’ (Devbhoomi Cultural Festiva 2026) का समापन हुआ। ‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ थीम पर आयोजित महोत्सव में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। उन्होंने विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के विजेता और उपविजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
लोक संस्कृति में बसती है देवभूमि की आत्मा
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की आत्मा उसकी लोक संस्कृति में बसती है। लोकगीत, लोकनृत्य, लोकभाषाएं, पारंपरिक वेशभूषा, रीति-रिवाज और पर्व-त्योहार प्रदेश की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और जड़ों से जोड़ने के साथ सीमांत क्षेत्रों के युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इससे पहले धामी ने बामणी गांव पहुंचकर नंदा अष्टमी के अवसर पर आयोजित उत्सव में ग्रामीणों के साथ भाग लिया। उन्होंने ग्रामीणों को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए लोक परंपराओं व सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का आह्वान किया।

स्थानीय उत्पादों से रोजगार की राह
सीएम ने महोत्सव परिसर में लगे स्थानीय उत्पादों, महिला स्वयं सहायता समूहों, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल देखे। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को पर्यटन से जोड़ने से सीमांत क्षेत्रों में आजीविका और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों व पहाड़ी व्यंजनों की जानकारी भी ली। कहा कि राज्य सरकार ‘विकास भी, विरासत भी’ के मूल मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है। बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान के तहत विकास कार्यों को गति देने के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं में विस्तार किया जा रहा है। वहीं, वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम (Vibrant Village Programme) के माध्यम से माणा, नीति और जादुंग जैसे सीमांत क्षेत्रों में सड़क, बिजली, दूरसंचार, पर्यटन और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।
सीमांत क्षेत्रों से पलायन रोकने पर जोर
धामी ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना जरूरी है। मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, होम स्टे, कृषि, बागवानी, पशुपालन, मधुमक्खी पालन, सुगंधित पौधों और स्थानीय मसालों की खेती के साथ शीतकालीन एवं साहसिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 3.10 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। महोत्सव में भारतीय सेना की सैन्य प्रदर्शनी भी लगाई गई।

मुख्यमंत्री ने अत्याधुनिक हथियारों और सैन्य उपकरणों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां युवाओं को सेना की कार्यप्रणाली से परिचित कराने और उनमें राष्ट्र सेवा की भावना मजबूत करने का माध्यम हैं। माणा के ग्रामीणों की पारंपरिक प्रस्तुति ने लोगों का मन मोहा। कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, लेफ्टिनेंट जनरल डीजी मिश्रा, ब्रिगेडियर गौरव बत्रा, डीएम गौरव कुमार सहित सेना के अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।






