
लखनऊ, 21 सितंबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में सुल्तानपुर रोड स्थित चर्चित सुशांत गोल्फ सिटी में प्लॉट खरीदकर वर्षों से रजिस्ट्री और भविष्य की चिंता में फंसे हजारों खरीदारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अंसल ग्रुप द्वारा बेचे गए 2747 बंधक भूखण्डों की रजिस्ट्री अब निरस्त नहीं होगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) इन भूखण्डों को अवमुक्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। शासन को भेजे गए एलडीए के प्रस्ताव को कैबिनेट बैठक में मंजूरी भी मिल चुकी है।
अब अगला बड़ा कदम नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) से जुड़ा है। एलडीए सुशांत गोल्फ सिटी परियोजना को पूरा कराने का प्रस्ताव एनसीएलटी के समक्ष प्रस्तुत करेगा। वहां से अनुमति मिलने के बाद टाउनशिप के अधूरे विकास कार्यों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। इससे उन खरीदारों के लिए रास्ता साफ होने की उम्मीद है जिनका पैसा प्लॉट या मकान में फंसा हुआ है।
3489 भूखण्ड रखे थे बंधक, 2747 बेच डाले
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के मुताबिक मेसर्स अंसल प्रॉपर्टी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने टाउनशिप के विकास की गारंटी के तौर पर एलडीए में 3489 भूखण्ड बंधक रखे थे। नियम के अनुसार इन भूखण्डों को प्राधिकरण की अनुमति के बिना बेचा नहीं जा सकता था। इसके बावजूद इनमें से 2747 भूखण्ड बेच दिए गए। ऐसे में इनकी रजिस्ट्री रद्द करने की स्थिति में खरीदार सीधे प्रभावित होते और उनके लिए बड़ा संकट खड़ा हो जाता।
इसी को देखते हुए एलडीए ने खरीदारों के हित में बंधक भूखण्डों को अवमुक्त करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब इन खरीदारों की रजिस्ट्री रद्द होने का खतरा टल गया है।
अधूरे हिस्से का विकास एलडीए कराएगा
एलडीए के मुताबिक सुशांत गोल्फ सिटी के अर्द्ध विकसित और अविकसित हिस्सों में विकास कार्य प्राधिकरण पूरा कराएगा। सड़क, अन्य आधारभूत सुविधाओं और अधूरे विकास कार्यों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने के बाद संबंधित सेक्टर या पॉकेट का पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इसके साथ ही अनुपातिक रूप से बंधक भूखण्डों को अवमुक्त किया जाएगा। परियोजना के पुनर्विकास के लिए एलडीए ने चरणबद्ध कार्ययोजना भी तैयार की है।
यदि किसी अर्द्ध विकसित या अविकसित क्षेत्र के भूखण्ड का मालिक विकास कार्य पूरा होने से पहले अपनी बंधक भूमि अवमुक्त कराना चाहता है तो निर्धारित शर्तों के तहत आवेदन कर सकेगा। उसे प्राधिकरण बोर्ड द्वारा तय शुल्क के बराबर गारंटी राशि जमा करनी होगी। संबंधित विकास कार्य पूरा होने और पूर्णता प्रमाण पत्र जारी होने पर यह राशि वापस कर दी जाएगी।
एलडीए ने 2747 भूखण्डों की रजिस्ट्री निरस्त होने की खबरों को भ्रामक बताया है। प्राधिकरण का कहना है कि कैबिनेट पहले ही बंधक भूखण्डों को अवमुक्त करने समेत होम बायर्स के हित में प्रस्तावों को मंजूरी दे चुकी है। अब निगाहें एनसीएलटी की अनुमति और उसके बाद शुरू होने वाली विकास प्रक्रिया पर हैं।






