
अनिल निषाद
अयोध्या, 21 सितंबर 2026:
यूपी के अयोध्या में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव अभिषेक दत्त ने भूमि अधिग्रहण में किसानों को दिए जा रहे मुआवजे को लेकर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। कमला नेहरू भवन स्थित कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि पुराने सर्किल रेट के आधार पर किसानों को मुआवजा देना उनके साथ अन्याय है। उन्होंने जमीन अधिग्रहण से जुड़े पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
किसानों की जमीन उनकी पूंजी
अभिषेक दत्त ने कहा कि किसानों की जमीन सिर्फ एक संपत्ति नहीं, बल्कि उनकी आजीविका और जीवनभर की जमा पूंजी होती है। इसलिए जमीन लिए जाने पर उन्हें मौजूदा कीमत के हिसाब से उचित मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों से कम कीमत पर जमीन लेने के बाद बाद में उसी जमीन के सर्किल रेट बढ़ाए गए। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की।
सस्ती जमीन लेकर महंगे दाम पर देने का आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि अयोध्या में किसानों से कम कीमत पर जमीन लेकर बाद में पूंजीपतियों और बड़े लोगों को महंगे दाम पर जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अपनाई गई। उन्होंने कहा कि अयोध्या में हो रहे विकास का फायदा किसानों, गरीबों, छोटे कारोबारियों और आम लोगों को मिलना चाहिए।
राम जन्मभूमि की व्यवस्था पर भी सवाल
अभिषेक दत्त ने राम जन्मभूमि मंदिर के संचालन और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में मंदिर की व्यवस्था में पारदर्शिता, धार्मिक मर्यादा और श्रद्धालुओं की भावनाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए।
संतों और धर्माचार्यों की भागीदारी बढ़ाने की मांग
अभिषेक दत्त ने कहा कि राम जन्मभूमि का संचालन केवल प्रशासनिक मामला नहीं है, बल्कि धार्मिक परंपराओं और आस्था से भी जुड़ा है। उन्होंने मंदिर की धार्मिक व्यवस्था में संतों, धर्माचार्यों और धार्मिक विद्वानों की भूमिका बढ़ाने की मांग की। शंकराचार्य जैसे प्रतिष्ठित धार्मिक व्यक्तित्वों को राम जन्मभूमि मंदिर के संचालन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। इससे पूजा-पद्धति, धार्मिक परंपराओं और मंदिर की मर्यादा से जुड़े मामलों में धार्मिक विद्वानों की भागीदारी बढ़ेगी।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष चेतनारायण सिंह, महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम, जिला प्रवक्ता शीतला पाठक, पूर्व जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष रामदास वर्मा, अनिल तिवारी, राम अवध पासी, उग्रसेन मिश्रा, राम करण कोरी, डॉ. विनोद गुप्ता समेत पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।






