
लखनऊ, 22 सितंबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (अस्पताल) में मंगलवार सुबह उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब सैकड़ों सफाई कर्मी अपने दो साथियों के साथ मारपीट के विरोध में प्रशासनिक भवन के बाहर जुट गए। कर्मचारियों ने भवन का घेराव कर जमकर नारेबाजी की और आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष सफाई कर्मी शामिल रहे।
मामला सोमवार को संस्थान के इमरजेंसी ट्राएज एरिया के वॉशरूम में नवजात का शव मिलने से शुरू हुआ। सफाई के दौरान शव मिलने पर कर्मचारियों ने इसकी सूचना संस्थान के अधिकारियों को दी। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
सफाई कर्मी रामचंद्र और मोहन का आरोप है कि नवजात का शव मिलने की सूचना देने के बाद उन्हें प्रशासनिक भवन बुलाया गया। दोनों का दावा है कि वहां सुरजीत सिंह, राजेश यादव समेत कुछ सुरक्षा कर्मियों ने उनके साथ मारपीट की और जातिसूचक गालियां दीं। आरोप यह भी है कि दोनों को करीब पांच घंटे तक एक कमरे में बंद रखा गया।

घटना के बाद सोमवार देर शाम दोनों सफाई कर्मियों ने वीडियो बनाकर अपनी बात रखी। इसके बाद मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में सफाई कर्मी संस्थान के प्रशासनिक भवन पहुंच गए। कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए कथित मारपीट की घटना में कार्रवाई और FIR दर्ज करने की मांग उठाई।
विभूतिखंड थाने में दी घटना की तहरीर
रामचंद्र और मोहन ने मामले में विभूतिखंड थाना प्रभारी को तहरीर दी है। इसमें सुरजीत सिंह, राजेश यादव समेत अज्ञात सुरक्षा कर्मियों पर मारपीट, अभद्रता और जबरन कमरे में बंद रखने के आरोप लगाए गए हैं। सफाई कर्मियों ने आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।

एक ओर संस्थान में नवजात का शव मिलने की घटना की चर्चा है तो दूसरी ओर उसके बाद सफाई कर्मियों के साथ कथित मारपीट का आरोप सामने आने से माहौल तनावपूर्ण हो गया है। मंगलवार सुबह प्रशासनिक भवन के बाहर काफी देर तक नारेबाजी और प्रदर्शन चलता रहा। अब पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई और संस्थान प्रशासन के रुख पर नजर है।






