
लखनऊ/देहरादून, 23 सितंबर 2026ः
बीजेपी की यूपी-उत्तराखंड सहित कई राज्यों में सरकार है। 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए पार्टी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। इसी क्रम में बीजेपी ने संगठन को मजबूत करने के लिए यूपी व उत्तराखंड में प्रदेश प्रभारी सहित सह प्रभारियों की नियुक्ति की है। विनोद तावड़े को संगठन ने पिछले महीने यूपी का प्रभारी बनाया था। साथ ही उनके सहयोग के लिए एक सह प्रभारी की नियुक्ति की गई थी। बुधवार को तीन और लोगों को तावड़े का साथ देने के लिए नियुक्त किया गया है। वहीं, उत्तराखंड में प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी राम माधव को दी गई है। साथ ही दो लोगों को सह प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा अन्य राज्यों में भी प्रदेश प्रभारी व सह प्रभारी बनाए गए हैं।
राष्ट्रीय मुख्यालय की ओर से जारी सूची में मेधा कुलकर्णी, प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा को यूपी का प्रदेश सह प्रभारी बनाया गया है। ये तीनों प्रभारी विधानसभा चुनाव में प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े का साथ देकर फिर से सत्ता हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विनोद तावड़े को यूपी में बीजेपी को मजबूत करने के लिए अगस्त में प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके अलावा जगदीश पटेल को सह प्रभारी बनाया गया था। यूपी का प्रभारी बनने के बाद तावड़े ने कई जिलों का दौरा कर पदाधिकारियों के साथ बैठकें की और संगठन को मजबूत करने का मंत्र दिया था।

उधर उत्तराखंड में पार्टी ने प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम को हटा कर उनकी जगह वरिष्ठ भाजपा नेता राम माधव को प्रदेश प्रभारी नियुक्त है। इसके साथ ही भाजपा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज की बेटी और नई दिल्ली से लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज को प्रदेश सह प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है। बांसुरी स्वराज से पहले रेखा वर्मा उत्तराखंड की सह प्रभारी की भूमिका में थीं। वहीं, दुष्यंत गौतम को फिलहाल कोई नई संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं दी गई है। राम माधव भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वर्ष 2014 में अमित शाह के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद राम माधव को पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया था। इस दौरान उन्होंने संगठन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दायित्व संभाले।

सितंबर 2020 में तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के कार्यकाल में राम माधव को राष्ट्रीय महासचिव के पद से हटा दिया गया था। अब उत्तराखंड की जिम्मेदारी मिलने के बाद राम माधव की भूमिका आगामी चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पार्टी के इस फेरबदल को राज्य में संगठन को नई जिम्मेदारी और दिशा देने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले हुए इस संगठनात्मक फेरबदल ने प्रदेश भाजपा की आगामी रणनीति को लेकर राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारी की नई जिम्मेदारियों के साथ पार्टी अब चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाएगी।






