अयोध्या न्यूज : 36 लाख दीपों से जगमगाई रामनगरी, ड्रोन शो से दमका आकाश
उपराष्ट्रपति, राज्यपाल और सीएम योगी आदित्यनाथ रहे मौजूद, सरयू तट पर 2,151 अर्चकों ने की आरती, 2,100 ड्रोन से दिखी भव्य आकृतियां, 21 झांकियों संग विदेश के कलाकारों ने पेश किए कार्यक्रम

अयोध्या, 7 नवंबर 2026:
उत्तर प्रदेश की अयोध्या में दीपोत्सव के दसवें आयोजन पर सरयू तट से लेकर राम की पैड़ी तक रोशनी का भव्य नजारा देखने को मिला। शहर के 56 घाटों पर 36 लाख से ज्यादा दीप जलाए गए। इस मौके पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे। सरयू तट पर 2,151 अर्चकों ने एक साथ आरती की, जबकि आसमान में 2,100 ड्रोन की मदद से अलग-अलग आकृतियां बनाकर लोगों को आकर्षित किया गया।
56 घाटों पर दीपों की रोशनी
दीपोत्सव के लिए अयोध्या के 56 घाटों को सजाया गया था। दीप जलाने के अभियान में करीब 35 हजार स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। घाटों पर दीपों की कतारें दूर तक नजर आईं। आयोजन के दौरान 21 झांकियां निकाली गईं। इनमें रामायण से जुड़े प्रसंगों के साथ भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई गई। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए कलाकारों के साथ विदेशी कलाकारों ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में 2,500 से ज्यादा कलाकारों की भागीदारी रही।
सरयू आरती के बाद ड्रोन शो
सरयू तट पर 2,151 अर्चकों ने एक साथ आरती की। इसके बाद आसमान में ड्रोन शो आयोजित किया गया। 2,100 ड्रोन की मदद से आसमान में कई आकृतियां बनाई गईं। रामायण के प्रसंगों को दिखाने के लिए 3डी प्रोजेक्शन मैपिंग का भी आयोजन हुआ। करीब 20 मिनट की प्रोजेक्शन मैपिंग के बाद आठ मिनट का लेजर शो हुआ। कार्यक्रम के दौरान पुष्प वर्षा भी की गई।

मुख्यमंत्री ने खींचा रथ, उपराष्ट्रपति ने की सराहना
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतीकात्मक रूप से भगवान राम के रथ को खींचा। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने दीपोत्सव के आयोजन की सराहना करते हुए पर्यटन विभाग की भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अपने पुराने संसदीय अनुभवों को भी याद किया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भगवान राम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए रामराज्य की अवधारणा पर बात रखी।

2017 से शुरू हुआ दीपोत्सव का सफर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में दीपोत्सव की शुरुआत वर्ष 2017 में हुई थी। तब सीमित संख्या में दीप जलाए गए थे, जबकि अब यह आयोजन बड़े स्तर पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि अयोध्या की पहचान को नई दिशा मिली है। यहां सड़क, यातायात, पर्यटन और दूसरी सुविधाओं से जुड़े काम किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में अब कर्फ्यू का दौर दोबारा नहीं लौटेगा।
रामभक्तों पर गोली चलाने वालों से माफी की मांग
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राम मंदिर आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि करीब 36 साल पहले सरयू का तट रामभक्तों के खून से लाल हुआ था। उन्होंने उन लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की, जिनकी सरकार के समय रामभक्तों पर गोली चलाई गई थी या जिन्होंने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए मंथरा और मारीच के प्रसंगों का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को अस्थिर करने की कोशिशें कभी नक्सलवाद, कभी आतंकवाद तो कभी अराजकता के रूप में सामने आईं।

रामराज्य के साथ विकास का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामराज्य का मतलब ऐसा शासन है, जिसमें हर वर्ग को सुरक्षा और सम्मान मिले। उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और विकास कार्यों का जिक्र किया। उनके मुताबिक उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था 12 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंची है। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में प्रदेश की भूमिका की बात भी कही।

पर्यटन में बढ़ी अयोध्या की पहचान
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में पर्यटकों की बढ़ती संख्या का जिक्र करते हुए बताया कि वर्ष 2018 में यहां करीब 1.96 करोड़ पर्यटक आए थे, जबकि 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 29.96 करोड़ तक पहुंच गया। वित्त वर्ष 2026-27 में पर्यटन से जुड़ी सुविधाओं के विकास के लिए 150 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। अयोध्या में करीब 40 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का भी जिक्र किया गया। दीपोत्सव के साथ शहर में पर्यटन सुविधाओं, सड़क और बुनियादी ढांचे से जुड़े कामों को आगे बढ़ाने की योजना है।

9 नवंबर तक चलेगा मेला
दीपोत्सव के मौके पर अयोध्या में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मेला भी लगाया गया है। यह मेला 9 नवंबर तक चलेगा। आयोजन में प्रदेश सरकार के मंत्री, संत-महंत, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।






