
लखनऊ, 24 सितंबर 2026:
अगर आपके घर में ग्रीन गैस का कनेक्शन है तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। साइबर जालसाज अब गैस बिल, मीटर अपडेट और कनेक्शन काटने की धमकी को हथियार बनाकर उपभोक्ताओं के बैंक खाते खाली कर रहे हैं। यूपी की राजधानी लखनऊ में महज 24 घंटे के भीतर तीन लोगों से 11.58 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले एक महीने में ग्रीन गैस बिल के नाम पर 33 से अधिक ठगी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें करीब पांच करोड़ रुपये गंवाए जा चुके हैं।
लखनऊ के पीजीआई, इंदिरानगर और कृष्णानगर थाने में दर्ज तीन नए मामलों की जांच साइबर क्राइम सेल को सौंपी गई है। पुलिस के अनुसार जालसाज अलग-अलग तरीके अपनाकर उपभोक्ताओं को अपने जाल में फंसा रहे हैं।
बिल पेंडिंग बताया, ऐप डाउनलोड कराया और 6.02 लाख उड़ाए
वृंदावन योजना सेक्टर-6 निवासी बुजुर्ग देशराज सिंह को 20 सितंबर को कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को ग्रीन गैस कर्मचारी बताया और बिल पेंडिंग होने की बात कही। भुगतान के लिए एक ऐप डाउनलोड कराया गया। इसके बाद उनके यूनियन बैंक ऑफ इंडिया खाते से छह बार में 6,02,540 रुपये निकल गए। बैंक में शिकायत के बाद उन्होंने पीजीआई थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
इंदिरानगर के तकरोही बाजार, सूर्या सिटी निवासी सरिता के इंडियन बैंक और यूनियन बैंक खातों से यूपीआई के जरिए 2.66 लाख रुपये निकाल लिए गए। 1930 पर शिकायत करने के बाद उन्होंने इंदिरानगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। कृष्णानगर के आशुतोष नगर निवासी आस्था जैन को 10 सितंबर को व्हाट्सऐप पर APK फाइल भेजी गई। ऐप पर क्लिक करते ही उनके एचडीएफसी बैंक खाते से 2.90 लाख रुपये निकल गए।
व्हाट्सऐप कॉल से लेकर कनेक्शन काटने की धमकी तक
ठाकुरगंज निवासी शीला देवी को चार सितंबर को व्हाट्सऐप कॉल आई। इसके बाद उनके खाते से 12 ट्रांजेक्शन में 9.29 लाख रुपये निकाल लिए गए। सरस्वतीपुरम निवासी राजेंद्र राम के खाते से 7.38 लाख रुपये उड़ाए गए। इंदिरानगर की रंजना को ग्रीन गैस कनेक्शन काटने की धमकी देकर एपीके फाइल भेजी गई। क्लिक करते ही उनके खाते से 2.69 लाख रुपये पार कर दिए गए। सआदतगंज निवासी राहुल रत्न को मीटर अपडेट करने के नाम पर फोन किया गया और धमकाकर 1.64 लाख रुपये ठग लिए गए।

पुलिस की सीधी चेतावनी : लिंक और APK पर क्लिक किया तो खाता हो सकता है खाली
एडीसीपी अपराध किरण यादव ने ग्रीन गैस उपभोक्ताओं से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अनजान नंबरों से आने वाले लिंक या फाइल को कतई क्लिक न करें। साइबर थाना और क्राइमब्रांच की चार टीमें गिरोह का नेटवर्क खंगाल रही हैं। जालसाजों के मोबाइल नंबरों के आधार पर पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। जल्द गिरोह का राजफाश करने की बात कही गई है।
इस बात का रखें विशेष ध्यान
ग्रीन गैस बिल, मीटर अपडेट या कनेक्शन के नाम पर फोन आए तो किसी अनजान ऐप या APK फाइल को डाउनलोड न करें। बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या यूपीआई से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा न करें। ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें।






