
लखनऊ, 25 सितंबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में अनंत चतुर्दशी पर गणपति बप्पा की विदाई का सिलसिला जारी रहा। लगातार बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। शहर में कई जगह गणपति की प्रतिमाओं के साथ शोभायात्राएं निकलीं। ढोल-नगाड़ों की थाप, डीजे की धुन और गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के बीच भक्तों ने विघ्न विनाशक को भाव भरी विदाई दी।
दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर से निकली शोभायात्रा
ऐशबाग रामलीला मैदान के पास राम नगर स्थित दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में 10 दिन से चल रहे गणेश महोत्सव का अनंत चतुर्दशी पर समापन हुआ। गणपति की विदाई के लिए मंदिर से शोभायात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। शोभायात्रा में गणपति की प्रतिमा के साथ आकर्षक झांकियां भी शामिल थीं। डीजे और ढोल-नगाड़ों की धुन पर श्रद्धालु नाचते हुए आगे बढ़े। बारिश के बीच भी लोगों का उत्साह बना रहा।

झूलेलाल वाटिका में भू-विसर्जन
गोमती तट के किनारे झूलेलाल वाटिका में गणपति की प्रतिमाओं के लिए भू-विसर्जन भी किया गया। नदी में प्रतिमा विसर्जित करने के बजाय इको-फ्रेंडली तरीके से भू-विसर्जन की व्यवस्था की गई। गणेश महोत्सव के 10 दिन पूरे होने के बाद श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के साथ बप्पा को विदाई दी।

पेपर मिल कॉलोनी से भी पहुंची प्रतिमा
पेपर मिल कॉलोनी के पंडाल में स्थापित Lucknow Ke Maharaja की प्रतिमा का भी झूलेलाल वाटिका में विसर्जन किया गया। विसर्जन से पहले पंडाल में अंतिम पूजा-अर्चना और आरती हुई। इसके बाद श्रद्धालु प्रतिमा को लेकर झूलेलाल वाटिका पहुंचे। यहां बड़ी संख्या में लोग गणपति बप्पा के जयकारे लगाते हुए विदाई में शामिल हुए।

झूलेलाल घाट पर भी उमड़े श्रद्धालु
शहर में झूलेलाल घाट पर भी गणपति प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंची। यहां डीजे की धुन पर भक्त नाचते दिखे और गणपति बप्पा के जयकारे लगाए। पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। अनंत चतुर्दशी के दिन Ganesh Visarjan को लेकर अलग-अलग इलाकों से श्रद्धालु विसर्जन स्थलों तक पहुंचे। बारिश के बावजूद शोभायात्राओं में भक्तों की भागीदारी बनी रही।






