
लखनऊ, 28 सितंबर 2026:
यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) 2027 की तैयारियों के बीच सपा ने अपने चुनावी अभियान का रुख और तेज कर दिया है। पीडीए रथ लेकर मैदान में उतरने के साथ सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सोमवार को कर्मचारियों, शिक्षकों, शिक्षामित्रों और किसानों को केंद्र में रखते हुए कई बड़े चुनावी ऐलान किए। उन्होंने कहा कि आगामी नवरात्र में समाजवादी पार्टी अपने आधिकारिक चुनावी कार्यक्रमों का शंखनाद करेगी।
लखनऊ में विधायकों और एमएलसी के साथ राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव को लेकर बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने सरकार बनने पर कई फैसलों का खाका सामने रखा। सबसे बड़ा ऐलान राज्य कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने का रहा। उन्होंने कहा कि इसे वित्तीय रूप से किस तरह लागू किया जाएगा, इसका पूरा विवरण सपा के चुनावी घोषणापत्र में दिया जाएगा।
डिग्री कॉलेजों में लागू सेमेस्टर व्यवस्था खत्म करने की बात
अखिलेश ने शिक्षामित्रों को दोबारा शिक्षक बनने का मौका देने की बात भी कही। वहीं वित्तविहीन शिक्षकों के लिए सम्मानजनक मानदेय की व्यवस्था को घोषणापत्र में शामिल करने का ऐलान किया। डिग्री कॉलेजों में लागू सेमेस्टर व्यवस्था को खत्म करने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था पहले इंजीनियरिंग कॉलेजों तक सीमित थी।
सपा अध्यक्ष ने मदरसों और संस्कृत विद्यालयों को लेकर भी घोषणाएं कीं। उनके मुताबिक बंद या प्रभावित मदरसों की सभी सेवाएं बहाल की जाएंगी, जबकि संस्कृत विद्यालयों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।

‘भारतीय जमीन पार्टी’ कहकर BJP पर हमला
चुनावी तैयारियों के बीच अखिलेश यादव ने भाजपा पर जमीन और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा को ‘सबसे बड़ी भू-माफिया पार्टी’ और ‘भारतीय जमीन पार्टी’ तक कह दिया। आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण के नाम पर किसानों के साथ बड़े पैमाने पर घोटाले हुए हैं।
उन्होंने अलीगढ़-मुरादाबाद ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित जमीन के बदले किसानों को बाजार दर के हिसाब से बढ़ा हुआ मुआवजा देने की मांग की। साथ ही सरकार के 84 हजार हेक्टेयर जमीन अतिक्रमण मुक्त कराने के दावे पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि इतनी जमीन मुक्त कराई गई है तो वहां उद्योग क्यों नहीं लगे और किसानों की जमीनें क्यों छीनी जा रही हैं।
मंदिरों के चढ़ावे से कुंभ तक सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने राम मंदिर में चढ़ावे और धातु चोरी के मुद्दे को भी सरकार के खिलाफ उठाया। उन्होंने कहा कि सच्चे सनातन धर्म को मानने वाले लोग आहत हैं। कुंभ में हुई मौतों के आंकड़ों को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा और कहा कि जनता इसका जवाब देगी। सीएम योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए अखिलेश ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री सच्चे गाय प्रेमी हैं तो उन्हें मुख्यमंत्री आवास में कम से कम 100 गायें रखनी चाहिए।
भाजपा में टिकट कटने का दावा, EVM पर फिर उठाया सवाल
अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा अपने 200 से अधिक विधायकों के टिकट काटने जा रही है, जिससे पार्टी के भीतर असंतोष है। उन्होंने सपा में ब्राह्मण समाज को पूरा सम्मान देने की बात दोहराई।.उपचुनाव में धांधली के आरोप दोहराते हुए अखिलेश यादव ने EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी की। इस तरह पीडीए रथ के साथ सपा ने एक तरफ अपने संभावित चुनावी मुद्दों की झलक दी है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा सरकार के खिलाफ जमीन, किसान, कर्मचारी, शिक्षा और धार्मिक मुद्दों को लेकर हमले तेज कर दिए हैं।






