एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 14 जून 2026:
मोहनलालगंज पुलिस ने नाबालिग किशोरियों को बहला-फुसलाकर राजस्थान में शादी के नाम पर बेचने वाले गिरोह पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में इस गिरोह से जुड़े पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। पुलिस की पूछताछ में कई चौकाने वाले मामलों का खुलासा हुआ है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के बम्बोरी निवासी भूपेन्द्र चौहान और सोनम कुमारी के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि दोनों गिरोह के लिए लड़कियों की खरीद-फरोख्त का नेटवर्क संभालते थे। इससे पहले इस मामले में चार आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं।
मामले की शुरुआत 12 मई को हुई थी, जब ग्राम गनियार निवासी कमलेशा ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी मृत बेटी की 16 और 12 साल की दो नाबालिग बेटियों को रिश्तेदार बाल अपचारी और प्रिया पटेल जाल में फंसाकर अपने साथ ले गए हैं। शिकायत के आधार पर मोहनलालगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
इसके खुलासे के लिए चार पुलिस टीमों का गठन किया गया और करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। पुलिस ने 18 मई को दोनों बालिकाओं को खोज निकाला था। जांच के दौरान सामने आया कि प्रिया पटेल, अनुराग यादव और मो. अख्तर आर्थिक रूप से कमजोर, बेसहारा या अनाथ लड़कियों को अपने जाल में फंसाते थे। उन्हें घूमने-फिरने, नए कपड़े दिलाने और बेहतर जिंदगी का लालच देकर पहले रायबरेली ले जाया जाता था।
इसके बाद लड़कियों की तस्वीरें व्हाट्सएप के जरिए राजस्थान में मौजूद सोनम और भूपेन्द्र को भेजी जाती थीं। पुलिस के मुताबिक तस्वीरें मिलने के बाद लड़कियों की कीमत तय होती थी। सौदा पक्का होने पर उन्हें राजस्थान भेजकर शादी के नाम पर डेढ़ से दो लाख रुपये में बेच दिया जाता था। जांच में यह भी पता चला कि गिरोह पहले रायबरेली की दो सगी बहनों को भी इसी तरह बेच चुका है।
पुलिस ने बताया कि 4 जून को अनुराग यादव, मो. अख्तर, प्रिया पटेल और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पूछताछ और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर सोनम कुमारी और भूपेन्द्र चौहान को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच में एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने रायबरेली की एक अन्य नाबालिग को भी कोटा ले जाकर जबरन शादी कराई थी। किशोरी किसी तरह तीन दिन बाद वहां से निकलकर अपने घर पहुंची थी। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।






