Uttarakhand

छात्रसंघ चुनाव Mission 2027 का ट्रेलर : युवा आज दिखाएंगे अपनी ताकत, ABVP-NSUI आमने-सामने

महाविद्यालयों में आज होंगे चुनाव, बीजेपी-कांग्रेस ने झोंकी पूरी ताकत, महाविद्यालय डीएवी पीजी कॉलेज पर खास नजर, पिछले 19 वर्षों से ABVP का दबदबा, 2007 के बाद संगठन को अध्यक्ष पद पर सिर्फ दो बार मिली हार

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 28 सितंबर 2026ः

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के महाविद्यालयों में 29 सितंबर को होने वाले छात्रसंघ चुनाव को मिशन 2027 के ट्रेलर के रूप में देखा जा रहा है। यही वजह है कि सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी दल कांग्रेस की प्रतिष्ठा भी इन चुनावों से जुड़ी है। प्रदेश के अधिकतर बड़े महाविद्यालयों में मुकाबला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के बीच है। छात्रसंघ चुनाव भले ही महाविद्यालय में हो रहे हों, लेकिन दोनों प्रमुख दलों के नेता और पदाधिकारियों ने पूरी ताकत झोंक रखी है। हर तरह के संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

दोनों प्रमुख दलों की राजधानी देहरादून के सबसे बड़े महाविद्यालय डीएवी पीजी कॉलेज पर खास नजर है। करीब 10,500 से अधिक मतदाताओं वाले डीएवी में पिछले 19 वर्षों से ABVP का दबदबा रहा है। 2007 के बाद संगठन को अध्यक्ष पद पर सिर्फ दो बार हार का सामना करना पड़ा है। डीएवी में कभी कांग्रेस समर्थित छात्र राजनीति का मजबूत प्रभाव था। वर्ष 2006 तक यहां NSUI का दबदबा रहा, लेकिन 2007 में मिली हार के बाद संगठन अध्यक्ष पद पर वापसी नहीं कर पाया।

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NSUI के भीतर गुटबाजी को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है। इस बार भी दोनों संगठनों के बीच मुकाबला इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि डीएवी का परिणाम राजधानी की छात्र राजनीति में माहौल का संकेत देगा। ABVP ने चुनाव प्रचार में अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय के नवनिर्वाचित छात्रसंघ अध्यक्ष यश डबाश को भी मैदान में उतारा है। डबाश डीएवी पहुंचकर ABVP प्रत्याशी नवदीप राणा के समर्थन में प्रचार कर चुके हैं। इससे चुनावी मुकाबले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

डीएवी के अलावा राजधानी के डीबीएस पीजी कॉलेज, एसजीआरआर, एमकेपी कॉलेज और राजकीय महाविद्यालय मालदेवता में भी अध्यक्ष पद पर ABVP और NSUI के बीच मुख्य मुकाबला है। ऐसे में 29 सितंबर को आने वाले नतीजे छात्र राजनीति की तस्वीर तो साफ करेंगे ही, साथ ही 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले युवाओं के बीच दोनों प्रमुख दलों के प्रभाव को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज होगी। यह चुनाव कैंपस में संगठनात्मक ताकत और युवाओं के बीच अपनी पकड़ परखने का दोनों दलों के लिए अहम अवसर जरूर बनेगा।

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Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

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