
लखनऊ, 30 सितंबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के गोलागंज में बारूदखाना में स्थित छह मंजिला एसए अपार्टमेंट अब जमींदोज किया जाएगा। एक पिलर टूटने के बाद खतरनाक हालत में पहुंची इस बिल्डिंग को एलडीए की जांच में रहने के लिए असुरक्षित पाया गया है। करीब 3 हजार वर्गफीट जमीन पर बने इस अपार्टमेंट में 24 फ्लैट हैं। अधिकारियों का कहना है कि बिल्डिंग की मरम्मत संभव नहीं है और न ही इसके अवैध निर्माण का शमन कराया जा सकता है। ऐसे में पूरी बिल्डिंग को गिराना ही एकमात्र विकल्प बचा है।
15 दिन का नोटिस, फिर LDA चलाएगा बुलडोजर
एलडीए अब बिल्डर को नया नोटिस जारी करेगा। इसमें उसे अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। यदि इस अवधि में बिल्डर खुद अपार्टमेंट नहीं गिराता है तो समय पूरा होने के बाद एलडीए अपने स्तर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। अधिकारियों ने साफ किया है कि इस मामले में शमन का विकल्प नहीं दिया जाएगा।
पिलर टूटा तो हिलने लगी पूरी बिल्डिंग
एसए अपार्टमेंट में गत सोमवार सुबह अचानक तेज आवाज के साथ एक पिलर टूट गया। इसके बाद पूरी बिल्डिंग हिलने लगी। अंदर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और वे परिवार समेत बाहर निकल आए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ को भी बुलाया गया।

अपार्टमेंट में रहने वाले करीब 25 परिवारों को बाहर निकाल दिया गया जबकि आसपास का 50 मीटर क्षेत्र सील कर दिया गया। पास की एक अन्य बिल्डिंग को भी एहतियातन खाली कराया गया। राहत की बात रही कि पिलर टूटने के दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
जैक लगाकर थामी जा रही खतरनाक बिल्डिंग
बिल्डिंग के अचानक ढहने के खतरे को देखते हुए एलडीए ने इसे अस्थायी रूप से सहारा देने का काम शुरू कराया है। विशेष टीम मंगलवार से भूतल पर काम कर रही है। जहां दीवार बनी है, वहां छत और दीवार के बीच जैक लगाए जा रहे हैं। खुले हिस्सों में मोटी दीवार बनाकर उसके सहारे जैक लगाए जा रहे हैं।
अब तक 100 से अधिक जैक लगाए जा चुके हैं। कर्मचारियों के मुताबिक बिल्डिंग को सुरक्षित तरीके से संभालने के लिए 200 से अधिक जैक लगाने पड़ सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार इसके बाद ही अचानक ढहने का खतरा कम होगा। इसके बाद फ्लैट मालिकों को अंदर जाकर जरूरी सामान निकालने की अनुमति दी जा सकेगी। पूरी प्रक्रिया में करीब डेढ़ महीने तक लगने की संभावना है।
2009 में पास हुआ था नक्शा, 2011 में बना अपार्टमेंट
एलडीए के मुताबिक एसए अपार्टमेंट का नक्शा वर्ष 2009 में पास हुआ था। बिल्डर वकील अहमद ने शहाबुद्दीन के साथ मिलकर वर्ष 2011 में इसका निर्माण कराया था। जांच में निर्माण की गुणवत्ता खराब मिली। मानकों के अनुपालन पर गंभीर सवाल हैं। इससे पहले एलडीए ने केवल छत पर बनाए जा रहे अवैध पेंटहाउस को गिराने का आदेश दिया था लेकिन पिलर टूटने और बिल्डिंग की मौजूदा हालत के बाद अब पूरे अपार्टमेंट को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा रही है।

LDA के इंजीनियरों-अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में
एलडीए ने अपार्टमेंट के निर्माण और अवैध निर्माण के दौरान तैनात रहे अभियंताओं और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है। एलडीए वीसी ने संबंधित जोनल अधिकारी से ऐसे अधिकारियों और अभियंताओं की सूची मांगी है। सूची के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बिल्डर लापता, अभी कोई एफआईआर नहीं
फिलहाल बिल्डर का कोई सुराग नहीं मिला है। उसका कार्यालय भी बंद बताया जा रहा है। वहां काम करने वाले कर्मचारी सामने नहीं आए हैं। किसी फ्लैट मालिक की ओर से अभी पुलिस को तहरीर नहीं दी गई है। एलडीए के मुताबिक फ्लैट मालिक बिल्डर से अपने नुकसान की भरपाई की मांग कर सकते हैं। अपार्टमेंट टूटने की स्थिति में एलडीए उन्हें विस्थापित मानकर वैकल्पिक आवास उपलब्ध नहीं कराएगा।






