Lucknow News : दिवाली मेले में दिखेगा महिलाओं के हुनर का दम, रोजगार देने वाली आकांक्षा के उत्पाद भी बिकेंगे
लखनऊ के सीएसआई क्लब में 24 को सजेगा पहला दिवाली मेला, मसाला मठरी से लेकर चिकनकारी, हस्तशिल्प और सजावटी सामान तक की होगी बिक्री, महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने की भी तैयारी

लखनऊ, 22 अक्टूबर 2026:
दिवाली की रौनक के बीच इस बार लखनऊ में महिलाओं के हुनर और आत्मनिर्भरता की भी चमक देखने को मिलेगी। उत्तर प्रदेश आईएएस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन की ओर से 24 अक्टूबर को राजभवन कॉलोनी स्थित सीएसआई क्लब के लॉन में पहला दिवाली मेला आयोजित किया जाएगा। मेले में आकांक्षा समिति के मसाला मठरी केंद्र के उत्पादों के साथ महिला उद्यमियों, कारीगरों और सामाजिक संस्थाओं की ओर से तैयार वस्तुएं भी बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी।
खास बात यह है कि समिति का मसाला मठरी केंद्र अब तक 120 से अधिक महिलाओं को रोजगार से जोड़ चुका है। सुबह 11 बजे से रात 10 बजे तक चलने वाले इस मेले में खरीदारी के साथ खानपान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और बच्चों के लिए खेल समेत कई गतिविधियां होंगी। लोग यहां दिवाली की खरीदारी के साथ महिलाओं के हुनर से तैयार उत्पादों को प्रोत्साहित भी कर सकेंगे।
हुनर से कमाई तक का रास्ता बना रही आकांक्षा
एसोसिएशन एवं आकांक्षा समिति की अध्यक्ष डॉ. नीलू गोयल के मुताबिक महिलाओं को केवल हुनर सिखाना ही पर्याप्त नहीं है। उनके लिए कमाई के अवसर तैयार करना भी जरूरी है। सशक्तीकरण का वास्तविक अर्थ महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है जिससे वे आत्मनिर्भर होकर अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।
इसी सोच के तहत मसालों और खाद्य उत्पादों के जरिए रोजगार उपलब्ध कराने के बाद समिति अब महिलाओं के लिए सिलाई प्रशिक्षण शुरू करने की तैयारी में है। इसके तहत उन्हें पेशेवर सिलाई और परिधान तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे वे नया कौशल सीखकर अपनी आय बढ़ा सकेंगी।
ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को मिलेगा बाजार
आकांक्षा समिति क्षेत्रीय महिला स्वयं सहायता समूहों के बनाए मसालों और खाद्य उत्पादों को अपने नाम से बाजार तक पहुंचाने का काम भी जारी रखेगी। डॉ. गोयल के अनुसार ग्रामीण महिलाओं के उत्पाद सीधे खरीदारों तक पहुंचने से उन्हें पहचान मिलेगी और कारोबार बढ़ाने के नए अवसर तैयार होंगे।

चिकनकारी से हस्तशिल्प तक, खरीदारी के कई विकल्प
मेले में आकांक्षा समिति के उत्पादों के अलावा महिला शरणालय की हस्तनिर्मित वस्तुएं और दृष्टि संस्था के उत्पाद भी मिलेंगे। यहां साड़ियां, चिकनकारी के वस्त्र, आभूषण, कालीन, मिट्टी के सजावटी सामान, हस्तशिल्प और घर सजाने की वस्तुओं की खरीदारी की जा सकेगी।
वर्ष 1987 में स्थापित आकांक्षा समिति एसोसिएशन की समाजसेवा इकाई है। प्रदेश के कई जिलों में इसकी समितियां महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और रोजगार के लिए काम कर रही हैं। इसके साथ ही महिलाओं और बच्चों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तथा जरूरी सेवाओं से जोड़ने का प्रयास भी किया जाता है।






