Uttar Pradesh

UP News : मिशन कर्मयोगी में यूपी देश में नंबर वन, गृह विभाग ने अकेले पूरे किए एक करोड़ से ज्यादा कोर्स

आई-गॉट प्लेटफॉर्म पर 19.23 लाख कार्मिक पंजीकृत, 3.75 करोड़ प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे, राजस्थान दूसरे व जम्मू-कश्मीर तीसरे स्थान पर

लखनऊ, 23 अक्टूबर 2026:

उत्तर प्रदेश ने मिशन कर्मयोगी के तहत सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों की क्षमता विकास में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। लखनऊ में डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (रुपाम) व भारत सरकार के क्षमता विकास आयोग की ओर से आयोजित उत्तर क्षेत्रीय कार्यशाला में प्रदेश को इस उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया। राजस्थान दूसरे व जम्मू-कश्मीर तीसरे स्थान पर रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों व विभागों को पुरस्कार प्रदान किए।

मिशन कर्मयोगी प्रशासनिक व्यवस्था का अहम हिस्सा

उत्तर प्रदेश की इस उपलब्धि में सरकारी कर्मचारियों के प्रशिक्षण, ऑनलाइन पाठ्यक्रमों को पूरा करने व प्रशिक्षण संस्थानों की सक्रिय भागीदारी की अहम भूमिका रही। प्रदेश में मिशन कर्मयोगी को प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाते हुए अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रम में रुपाम के महानिदेशक एम देवराज, निदेशक संजय कुमार तथा अपर निदेशक व नोडल अधिकारी सुनील कुमार चौधरी को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

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19.23 लाख कार्मिक पंजीकृत, 47 करोड़ से अधिक लर्निंग आवर्स

आई-गॉट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उत्तर प्रदेश के करीब 19.23 लाख उपयोगकर्ता पंजीकृत हैं, जिनमें 99 प्रतिशत से अधिक सक्रिय हैं। प्रदेश में अब तक लगभग 3.75 करोड़ प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे किए जा चुके हैं, जबकि 47 करोड़ से अधिक लर्निंग आवर्स दर्ज हुए हैं। देशभर में इस प्लेटफॉर्म पर करीब 1.70 करोड़ सरकारी कार्मिक पंजीकृत हैं।

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मुख्य सचिव ने बताया- कैसे बदले मानक

मुख्य सचिव एसपी गोयल ने उत्तर क्षेत्रीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में बताया कि प्रदेश के अधिकारियों व कर्मचारियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी की है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं की सफलता केवल उनकी संख्या से नहीं, बल्कि आम नागरिकों तक उनका लाभ प्रभावी, पारदर्शी व समान रूप से पहुंचने से तय होती है।

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गृह विभाग ने अकेले पूरे किए एक करोड़ से अधिक कोर्स

मिशन कर्मयोगी के तहत विभागवार प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने श्रेणी क में पहला स्थान हासिल किया। विभाग ने अकेले एक करोड़ से अधिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे किए हैं। गृह विभाग की ओर से डीजी ट्रेनिंग राजीव अग्रवाल व डीआईजी देव रंजन वर्मा ने पुरस्कार प्राप्त किया। बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग को संबंधित श्रेणी में दूसरा पुरस्कार मिला। इस विभाग में भी एक करोड़ से अधिक पाठ्यक्रम पूरे किए गए हैं। अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा व महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने विभाग की ओर से सम्मान ग्रहण किया।

उच्च शिक्षा विभाग ने श्रेणी ख में पहला स्थान हासिल किया। अपर मुख्य सचिव अमित घोष ने पुरस्कार प्राप्त किया। इसी श्रेणी में अवस्थापना व औद्योगिक विकास विभाग दूसरे स्थान पर रहा, जिसके लिए अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने सम्मान ग्रहण किया। श्रेणी ग में हथकरघा व वस्त्रोद्योग विभाग को पहला, जबकि प्रशासनिक सुधार विभाग को दूसरा पुरस्कार मिला। हथकरघा व वस्त्रोद्योग विभाग की ओर से प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर तथा प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से सचिव भूपेंद्र चौधरी ने पुरस्कार प्राप्त किया।

19 लाख से अधिक कार्मिकों की भागीदारी से मजबूत हुआ क्षमता विकास अभियान

उत्तर प्रदेश में मिशन कर्मयोगी को आगे बढ़ाने के लिए कई स्तरों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए गए हैं। जनवरी 2026 में प्रदेश के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए सात दिवसीय क्षमता विकास कार्यक्रम आयोजित किया गया। साधना सप्ताह में भी प्रदेश का प्रदर्शन बेहतर रहा। निर्भय नेत्री, निर्भय चेतना, कौशल सेतु व कौशल सारथी जैसी पहलें सरकारी कर्मियों की कार्यक्षमता, कौशल व जिम्मेदारियों के अनुरूप प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गईं। उन्नति पोर्टल पर प्रदेश के 350 से अधिक प्रशिक्षण संस्थानों व प्रशिक्षण इकाइयों का पंजीकरण हुआ है, जो देश में सर्वाधिक है। इन प्रयासों के जरिए प्रशिक्षण को केवल औपचारिक प्रक्रिया तक सीमित रखने के बजाय सरकारी कर्मचारियों की कार्यशैली व नागरिकों को दी जाने वाली सेवाओं में सुधार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

उन्नति कैपेबिलिटी इंडेक्स से प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता का होगा आकलन

उत्तर क्षेत्रीय कार्यशाला में क्षमता विकास आयोग की ओर से उन्नति कैपेबिलिटी इंडेक्स की शुरुआत की गई। इसके जरिए देशभर के प्रशिक्षण संस्थानों की क्षमता, गुणवत्ता व कामकाज में सुधार का नियमित आकलन किया जा सकेगा। देश में एक हजार से अधिक प्रशिक्षण संस्थान लोक सेवकों की क्षमता विकास में योगदान दे रहे हैं। अभी तक संस्थानों की गुणवत्ता का मूल्यांकन दो वर्ष में एक बार किया जाता था, लेकिन नई व्यवस्था में नियमित समीक्षा व सुधार पर जोर रहेगा।

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सूचकांक में तीन संकेतकों व सात क्षेत्रों के आधार पर स्टार रेटिंग दी जाएगी। इसमें संकाय, पाठ्यक्रम व संस्थागत ढांचे से जुड़े आंकड़ों का आकलन होगा। संस्थानों की तुलना उनकी समान श्रेणी के दूसरे संस्थानों से की जाएगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से आंकड़ों का विश्लेषण कर सुधार के अवसर पहचाने जाएंगे, जबकि अंतिम फैसले की जिम्मेदारी संबंधित संस्थानों की रहेगी। उन्नति रेडीनेस इंडेक्स के जरिए संस्थान अपनी मौजूदा स्थिति का आकलन कर सुधार की दिशा तय कर सकेंगे। इसका मकसद प्रशिक्षण संस्थानों को बेहतर क्षमता विकास केंद्र के रूप में तैयार करना है।

नेशनल करिकुलम डिजाइन फ्रेमवर्क से भूमिका के मुताबिक तैयार होंगे पाठ्यक्रम

क्षमता विकास आयोग ने नेशनल करिकुलम डिजाइन फ्रेमवर्क (एनसीडीएफ) भी शुरू किया है। कर्मयोगी क्वालिटी फ्रेमवर्क व कर्मयोगी कॉम्पिटेंसी मॉडल पर आधारित यह व्यवस्था प्रशिक्षण संस्थानों को अधिकारियों की भूमिका, कामकाज की जरूरतों व अपेक्षित दक्षताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने में मदद करेगी। इसमें सीखने के चार स्तर तय किए गए हैं, बुनियादी, निपुणता, उन्नत व विशेषज्ञता। इन स्तरों के आधार पर रणनीतिक, कार्यनीतिक व परिचालन संबंधी फैसलों की जटिलता को ध्यान में रखकर प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जा सकेंगे। इसका उद्देश्य अधिकारियों व कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप दक्ष बनाना तथा प्रशिक्षण को अधिक व्यवस्थित व प्रभावी करना है। कार्यशाला में प्रशिक्षण संस्थानों के बीच ज्ञान, अनुभव, विशेषज्ञता व संसाधनों के आदान-प्रदान पर भी जोर दिया गया। इसी क्रम में रुपाम ने दूसरे राज्यों के प्रशिक्षण संस्थानों व केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए।

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प्रशासनिक सुधारों में भी यूपी के प्रदर्शन की सराहना

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने उत्तर प्रदेश के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से प्रशासनिक सुधारों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को सरल, पारदर्शी व जवाबदेह बनाना है। उन्होंने कहा कि मिशन कर्मयोगी में पहला स्थान हासिल करना व आई-गॉट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे करना प्रदेश की महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं। उनके मुताबिक, प्रशासन में नियम आधारित व्यवस्था से आगे बढ़कर भूमिका आधारित कार्यप्रणाली अपनाने की जरूरत है, ताकि अधिकारियों व कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियों के मुताबिक प्रशिक्षित किया जा सके।

डॉ. सिंह ने राजपत्रित अधिकारियों से दस्तावेजों के सत्यापन की अनिवार्यता समाप्त करने, सरकारी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने, रोजगार मेलों, केंद्रीयकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली यानी सीपीग्राम्स तथा डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जैसी पहलों का भी उल्लेख किया। डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र में बायोमेट्रिक व फेस रिकग्निशन तकनीक के इस्तेमाल से पेंशनभोगियों को सुविधा मिली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश प्रशासनिक क्षमता विकास व सुशासन के क्षेत्र में दूसरे राज्यों के लिए उपयोगी उदाहरण पेश कर रहा है।

नागरिक केंद्रित प्रशासन के लिए प्रशिक्षण व्यवस्था में सुधार पर जोर

क्षमता विकास आयोग की अध्यक्ष एस राधा चौहान ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सक्षम, दक्ष व नागरिक केंद्रित सिविल सेवाओं का निर्माण जरूरी है। मिशन कर्मयोगी के तहत भूमिका आधारित प्रशिक्षण को दक्षता आधारित प्रणाली में बदलने पर जोर दिया जा रहा है। अप्रैल में आयोजित साधना सप्ताह के दौरान उन्नति अभियान, कर्मयोगी कर्तव्य कार्यक्रम व कर्मयोगी क्वालिटी फ्रेमवर्क जैसी पहलें शुरू की गई थीं। कर्मयोगी कर्तव्य कार्यक्रम के जरिए खासकर अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों में सेवा भाव विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि क्वालिटी फ्रेमवर्क का मकसद प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। उत्तर क्षेत्रीय कार्यशाला में आठ राज्यों व चार केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें प्रशिक्षण संस्थानों की क्षमता बढ़ाने, आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियां अपनाने व भविष्य की प्रशासनिक चुनौतियों के अनुरूप कर्मचारियों को तैयार करने पर चर्चा हुई।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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