SSC की ऑनलाइन भर्ती परीक्षा का मामला : पर्यवेक्षक ही निकला नकल गिरोह का मददगार, STF ने दिल्ली से दबोचा
इससे पहले सात लोगों की हो चुकी गिरफ्तारी, आरोपी यूपी का निवासी, 14 फरवरी को दर्ज किया गया था मुकदमा, जांच एजेंसी गिरोह के नेटवर्क व अन्य लोगों के बारे में जुटा रही जानकारी
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 28 अक्टूबर 2026ः
कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की ऑनलाइन भर्ती परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल कराने के मामले में परीक्षा केंद्र के भीतर से ही गिरोह की मदद किए जाने का खुलासा हुआ है। परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों के पहचान पत्र जांचने और नकल रोकने की जिम्मेदारी संभाल रहा पर्यवेक्षक ही कथित तौर पर नकल कराने वाले गिरोह का मददगार बन गया। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मामले में वांछित अंकित कुमार (22 वर्षीय) को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि फरवरी 2026 में आयोजित एसएससी की मल्टीटास्किंग (नॉन-टेक्निकल) स्टाफ (एमटीएस) और हवलदार ऑनलाइन परीक्षा में नकल कराने के संबंध में 14 फरवरी को देहरादून कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता और तकनीकी पहलुओं को देखते हुए इसकी विवेचना एसटीएफ को सौंपी गई। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर गिरोह से जुड़े लोगों की भूमिका खंगाली गई। इसी कड़ी में यूपी के चंदौली जिले के मुगलसराय निवासी अंकित कुमार को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।
आरोपी केंद्र पर पर्यवेक्षक के रूप में था नियुक्त
एसटीएफ के मुताबिक आरोपी परीक्षा केंद्र पर पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त था। उसकी जिम्मेदारी परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों के पहचान पत्रों की जांच करने के साथ ही नकल और अन्य अवांछित गतिविधियों पर निगरानी रखने की थी। आरोप है कि उसने इसी जिम्मेदारी के दौरान परीक्षा केंद्र में स्थापित कंप्यूटरों को दूर से संचालित करने के लिए गिरोह के सदस्यों को आईपी एड्रेस उपलब्ध कराया। इससे परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल में उसकी कथित भूमिका सामने आई है। आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
नवंबर 2025 की परीक्षा में भी था वांछित
एसटीएफ के अनुसार अंकित कुमार नवंबर 2025 में आयोजित एसएससी की एमटीएस और क्लेरिकल स्टाफ परीक्षा में नकल के मामले में भी वांछित था। इस प्रकरण में देहरादून कोतवाली में पहले ही मुकदमा दर्ज किया गया था। फरवरी 2026 की परीक्षा में नकल कराने के मामले में एसटीएफ पहले सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अंकित की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसी गिरोह के नेटवर्क, कंप्यूटरों तक दूर से पहुंच बनाने के तरीके और अन्य संभावित संलिप्त लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। मामले की विवेचना पुलिस उपाधीक्षक परवेज अली कर रहे हैं। आरोपी से पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।






