वाराणसी न्यूज : साइबर जालसाजों ने डॉक्टर दंपती को बनाया शिकार, शेयर ट्रेडिंग के नाम 3 करोड़ ठगे
WhatsApp ग्रुप में IPO से मुनाफे का दिया झांसा, फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश कराई रकम, निकासी के लिए अलग से कमीशन मांगने पर खुला मामला

वाराणसी, 2 नवंबर 2026:
यूपी के वाराणसी में ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर डॉक्टर दंपती से 2 करोड़ 99 लाख 18 हजार 520 रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। भेलूपुर क्षेत्र निवासी डॉक्टर दंपती से साइबर ठगों ने उन्हें WhatsApp ग्रुप के जरिए शेयर ट्रेडिंग, ब्लॉक ट्रेडिंग और IPO में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में करीब तीन करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए।
Facebook से शुरू हुआ संपर्क
महिला डॉक्टर संघमित्रा का Facebook Messenger पर Bollinger Band Academy नाम के निवेश पेज से संपर्क हुआ था। खुद को एडमिन बताने वाली अनन्या दास ने उन्हें करीब 120 सदस्यों वाले WhatsApp ग्रुप F6 Set Your Dreams in Motion में जोड़ दिया। ग्रुप में शेयर बाजार में निवेश से कम समय में अच्छा मुनाफा मिलने के दावे किए जाते थे।
ग्रुप की एडमिन ने उन्हें upsktvpro.com नाम के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश करने का सुझाव दिया। इसे Upstox से जुड़ा प्लेटफॉर्म बताया गया। भरोसा दिलाने के लिए कथित SEBI रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट समेत दूसरे दस्तावेज भी भेजे गए।
अलग-अलग खातों में भेजी रकम
निवेश के नाम पर पैसे जमा कराने के लिए कस्टमर केयर की ओर से हर बार अलग-अलग लोगों और फर्मों के बैंक खातों की जानकारी भेजी जाती थी। इसके बाद 21 सितंबर से 26 अक्टूबर के बीच डॉक्टर दंपती ने अपने बैंक खातों से 2,99,18,520 रुपये ट्रांसफर किए। रकम नौ अलग-अलग खातों में भेजी गई। इनमें Noventra Trading Pvt. Ltd., Jai Maa Durga, S G Enterprise, Rapid Step Private Limited, Kaushik Enterprises, M4 Constructions, KGN Readymade, M/S Balajee और OMPRAGM के खाते शामिल हैं।
पैसे निकालने पर मांगा कमीशन
जब उन्होंने ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर जमा रकम के साथ दिखाया जा रहा मुनाफा निकालने की कोशिश की तो निकासी रोक दी गई। रकम वापस करने से पहले अलग से कमीशन जमा करने की मांग की गई। इसके बाद उन्हें ठगी का शक हुआ। महिला डॉक्टर ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराई।
मामले में वाराणसी साइबर क्राइम थाने को संबंधित WhatsApp ग्रुप संचालकों, मोबाइल नंबरों के उपयोगकर्ताओं, वेबसाइट संचालकों और रकम पाने वाले खाताधारकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही संबंधित बैंक खातों में बची रकम को फ्रीज कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने जांच के लिए बैंक स्टेटमेंट, ट्रांजेक्शन आईडी (UTR), चैट और स्क्रीनशॉट उपलब्ध करा दिए है।






