IIT BHU Convocation : कुमार मंगलम ने छात्रों को दिए सफलता के मंत्र, मेडल पाकर चहके मेधावी
Varanasi News : 2048 छात्रों को मिली डिग्री, हरजस कौर ने 15 मेडल जीतकर हासिल किया प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल, प्रखर नेमा को मिला पहला सोलर एनर्जी अवार्ड

वाराणसी, 31 अक्टूबर 2026:
यूपी के वाराणसी स्थित IIT बीएचयू के 15वें दीक्षांत समारोह में आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने विद्यार्थियों को सफलता के साथ जोखिम उठाने का महत्व समझाया। समारोह में 2048 विद्यार्थियों को डिग्रियां दी गईं, जबकि 62 मेधावियों को 124 मेडल व पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
हरजस कौर ने जीते 15 मेडल
Harjas Kaur President Gold Medal : समारोह में सबसे ज्यादा चर्चा हरजस कौर की रही। उन्हें प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल के साथ कुल 15 मेडल व प्रमाणपत्र दिए गए। वहीं प्रतीक त्रिपाठी व मेहुलकुमार को डायरेक्टर्स गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। इस दौरान पहली बार दिए गए सोलर एनर्जी अवार्ड के लिए प्रखर नेमा का चयन हुआ। मध्य प्रदेश के सागर निवासी प्रखर ने पावर इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में रिसर्च की है। उन्होंने हाई-गेन डीसी-डीसी पावर कन्वर्टर व मल्टी-आउटपुट हाइब्रिड कन्वर्टर तैयार किया है। इस तकनीक का मकसद सौर ऊर्जा से बनी बिजली का कम से कम नुकसान के साथ इस्तेमाल करना है। उन्हें स्मृति चिह्न के साथ नकद पुरस्कार दिया गया।
97 गोल्ड मेडल, दो सिल्वर व 25 नकद पुरस्कार
स्वतंत्रता भवन में आयोजित समारोह में कुमार मंगलम बिड़ला ने 62 मेधावियों को कुल 124 मेडल व पुरस्कार प्रदान किए। इनमें 97 गोल्ड मेडल, दो सिल्वर मेडल व 25 नकद पुरस्कार शामिल रहे। इस मौके पर संस्थान की ओर से कुमार मंगलम बिड़ला को मानद डॉक्टर ऑफ साइंस की उपाधि भी दी गई।
कार्यक्रम की शुरुआत मंत्रोच्चार के बीच हुई। अतिथियों का स्वागत किया गया। महामना की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद वंदे मातरम व संस्थान का कुलगीत गाया गया। इसके बाद आईआईटी बीएचयू की विरासत व उपलब्धियों पर आधारित फिल्म दिखाई गई। डीन देवेंद्र कुमार ने डिग्रियों की घोषणा की, जबकि निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने मेडल व डिग्री पाने वाले विद्यार्थियों को शपथ भी दिलाई।

तीन कहानियों से बताया जोखिम लेने का महत्व
कुमार मंगलम बिड़ला ने अपने संबोधन में कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन का खास मौका है। उन्होंने छात्रों के साथ तीन कहानियां साझा कीं, जिनसे उन्हें चुनौतियों के बीच रास्ता तलाशने की सीख मिल सके। उन्होंने पहली कहानी एनवीडिया के सह-संस्थापक जेन्सेन हुआंग, दूसरी कहानी ब्लैकरॉक के सह-संस्थापक लैरी फिंक व तीसरी कहानी अपने पिता आदित्य बिड़ला की सुनाकर छात्रों को जोखिम उठाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा, ‘रिस्क है तो इश्क है।’
पुराने रिश्तों का भी हुआ जिक्र
समारोह की अध्यक्षता बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन डॉ. कोटा हरिनारायण ने की। बीएचयू के कुलपति व बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी, आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा व पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय भी मौजूद रहे। महेंद्र नाथ पांडेय ने अपने छात्र जीवन से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उस समय संस्थान आईटी बीएचयू के नाम से जाना जाता था। उन्होंने छात्र जीवन के दौरान एक चुनाव में मिले समर्थन व सबसे ज्यादा वोट हासिल करने का किस्सा भी सुनाया।






