Azam Khan को SC से झटका : ED की गिरफ्तारी पर तुरंत सुनवाई से इनकार, आज रामपुर कोर्ट में भी सुनवाई
जेल से बाहर आते ही गिरफ्तार किए गए सपा नेता 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, जौहर यूनिवर्सिटी मामले में पुलिस कस्टडी रिमांड पर आज होगा फैसला

न्यूज डेस्क, 2 नवंबर 2026:
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री आजम खान की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। दो मामलों में जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आते ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गिरफ्त में पहुंचे आजम खान को सुप्रीम कोर्ट (SC) से भी तत्काल राहत नहीं मिली है। ईडी की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर शीर्ष अदालत ने तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया। हालांकि मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि याचिका इस सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हो सकती है।
आजम खान को रविवार को गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया था। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। फिलहाल वह गाजियाबाद की डासना जेल में बंद हैं।
जौहर यूनिवर्सिटी मामले में आज अहम सुनवाई
इस बीच आजम खान की मुश्किलें बढ़ाने वाला एक और मामला रामपुर की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में पहुंच गया है। जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मुकदमे में पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग वाली अर्जी पर सोमवार को सुनवाई होगी। अदालत तय करेगी कि आजम खान को गाजियाबाद की डासना जेल से रामपुर लाकर पेश किया जाए या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उनकी पेशी कराई जाए।
यह मुकदमा ईडी की शिकायत पर 13 अक्टूबर 2026 को रामपुर के अजीमनगर थाने में दर्ज किया गया था। इसमें विश्वविद्यालय के निर्माण में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। मामले में आजम खान, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और एसएस एंड एस एंटरप्राइजेज समेत पांच पक्षों को नामजद किया गया है।

29 अक्टूबर को मांगी गई थी पुलिस कस्टडी
मामले की जांच टांडा के सीओ पंकज पंत कर रहे हैं। उन्होंने 29 अक्टूबर को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर आजम खान को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अनुमति मांगी थी। अदालत ने सुनवाई के लिए दो नवंबर की तारीख तय करते हुए आजम खान को तलब किया।
31 अक्टूबर को जेल से निकलते ही हुई गिरफ्तारी
दो पैनकार्ड मामलों में जमानत मिलने के बाद आजम खान 31 अक्टूबर की शाम रामपुर जेल से बाहर आए थे। लेकिन जेल के गेट पर ही ईडी के अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। काफी देर तक चली कानूनी प्रक्रिया और बहस के बाद ईडी उन्हें गाजियाबाद ले गई। एक नवंबर को विशेष पीएमएलए अदालत में पेशी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।






