MDDA का बड़ा एक्शन : डोईवाला में अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर, दो प्रतिष्ठान सील
प्राधिकरण की टीम ने पांच अलग-अलग स्थानों पर 65 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को किया ध्वस्त, राजधानी के सुनियोजित विकास से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 2 नवंबर 2026:
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सोमवार को बड़ा अभियान चलाया। प्राधिकरण की टीम ने डोईवाला क्षेत्र में पांच अलग-अलग स्थानों पर करीब 60 से 65 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। साथ ही मानकों और स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण करने वाले दो व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी सील कर दिया गया।
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से लोगों में मचा हड़कंप
प्राधिकरण की टीम ने घिसरपट्टी में राजू, बाबू, रोशन और मुकुल तोमर की ओर से विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया। वहीं, बुल्लावाला मार्ग पर बीएसएफ हाउस के निकट इमरान एवं अन्य की ओर से की जा रही प्लॉटिंग पर भी बुलडोजर चलाया। इसके अलावा भगत सिंह कॉलोनी में बलदेव सिंह व काम्बोज कॉलोनी में नत्थी सिंह, यशपाल, हेमंत पंचोली एवं अन्य की ओर से विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इससे लोगों में हड़कंप मच गया।
स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण पर हो रहा एक्शन
इन पांचों स्थानों पर करीब 60 से 65 बीघा जमीन पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को हटाया गया। प्राधिकरण की कार्रवाई केवल प्लॉटिंग तक सीमित नहीं रही। मैगी प्वाइंट में जगदीश चौहान की ओर से किए गए अवैध व्यावसायिक निर्माण को सील कर दिया गया। वहीं, पुरुकुल रोड स्थित ईडन वेलनेस एंड हॉस्पिटेलिटी में संजीव बोहरा की ओर से स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए गए निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।
अवैध निर्माण के खिलाफ जारी रहेगा अभियान
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून के सुनियोजित विकास से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। अवैध प्लॉटिंग और बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण के खिलाफ प्राधिकरण का अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने भी स्पष्ट किया कि अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ ध्वस्तीकरण एवं सीलिंग की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।






