Uttarakhand

कांग्रेस की ‘भूमि बचाओ यात्रा’ पर बीजेपी का पलटवार, चमोली बोले- जमीन नहीं, अपनी राजनीतिक जमीन बचा रही

विधानसभा चुनाव 2027 से पहले जमीनों का मुद्दा गरमाया, प्रदेश में भूमाफिया संस्कृति को बढ़ावा देने की शुरुआत कांग्रेस की सरकार में हुई, प्रदेश प्रवक्ता ने कहा- उसे यह यात्रा निकालने का नैतिक अधिकार नहीं

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 3 नवंबर 2026:

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले जमीनों का मुद्दा गरमाने लगा है। कांग्रेस की प्रस्तावित ‘भूमि बचाओ यात्रा’ को लेकर भाजपा ने आक्रामक रुख अपनाते हुए इसे राजनीतिक अस्तित्व बचाने की कवायद करार दिया है। भाजपा के विधायक एवं प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में भूमाफिया संस्कृति को बढ़ावा देने और सरकारी जमीनों की बंदरबांट की शुरुआत कांग्रेस की सरकारों में हुई। उन्होंने कहा कि जो पार्टी खुद भूमि घोटालों और विवादित आवंटनों के आरोपों से घिरी रही है, उसे भूमि बचाओ यात्रा निकालने का नैतिक अधिकार नहीं है।

प्रदेश प्रवक्ता चमोली ने भाजपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस की यात्रा का मकसद उत्तराखंड की जमीन बचाना नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक जमीन बचाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस अभियान के जरिये प्रदेश में हो रहे निवेश, रोजगार के बढ़ते अवसरों और पर्यटन विकास की योजनाओं को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सख्त भू-कानून लागू करने के साथ अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई कर हजारों एकड़ जमीन मुक्त कराई है।

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धोलास और नैनीसार के मामले उठाकर कांग्रेस को घेरा

चमोली ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में हुए भूमि आवंटनों पर सवाल उठाते हुए धोलास और नैनीसार के मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एनडी तिवारी सरकार के कार्यकाल में धोलास में शेखुल्ल एजुकेशनल ट्रस्ट को करीब 20 एकड़ जमीन रियायती दरों पर आवंटित की गई थी। बाद में इस जमीन की प्लॉटिंग और कई लोगों को बिक्री का मामला सामने आया। इसी तरह अल्मोड़ा के नैनीसार में जिंदल समूह से जुड़े शैक्षणिक ट्रस्ट को करीब 17 एकड़ जमीन आवंटित किए जाने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि उस समय स्थानीय लोगों को विरोध करना पड़ा और मामला न्यायालय तक पहुंचा। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस की सरकार में शिक्षा व पर्यटन के नाम पर जमीन आवंटन निवेश था, लेकिन भाजपा सरकार के कार्यों पर वही कांग्रेस सवाल उठा रही है। यह उसका दोहरा मापदंड है।

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13 हजार एकड़ जमीन मुक्त कराने का दावा

भाजपा विधायक ने कहा कि सीएम धामी की सरकार ने सख्त भू-कानून लागू कर जमीनों की खरीद-फरोख्त पर नियंत्रण के प्रयास किए हैं। धार्मिक गतिविधियों के नाम पर कथित रूप से कब्जाई गई 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि मुक्त कराई गई है। हल्द्वानी के वनभूलपुरा में रेलवे की करीब 80 एकड़ जमीन को मुक्त कराने की प्रक्रिया में भी सरकार निर्णायक कदम उठा रही है। चमोली ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में उत्तराखंड में करीब 57 भूमि आवंटन हुए, जिनमें 52 गढ़वाल और पांच कुमाऊं क्षेत्र में थे। इनमें कई जमीनें बेहद कम कीमत पर आवंटित की गईं।

उन्होंने ऊधमसिंह नगर के एनएच भूमि मुआवजा घोटाले का भी उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। कहा कि कांग्रेस कितनी भी यात्राएं निकाल ले, जनता उसे माफ नहीं करेगी। भाजपा तीसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, सह प्रभारी राजेंद्र सिंह नेगी, प्रदेश प्रवक्ता हनी पाठक और कमलेश रमन भी मौजूद रहे।

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Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

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