कोहरे की बारिश से ठिठुरा लखनऊ, दृश्यता शून्य : 20 जनवरी से राहत, 22 से पश्चिम UP में बारिश के आसार
शीतलहर के चलते तापमान में गिरावट, आम जनजीवन अस्तव्यस्त, बाराबंकी प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, राजधानी लखनऊ में भी इस सीजन का अब तक का सबसे कम न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड हुआ
लखनऊ, 18 जनवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ समेत आसपास के जनपदों में रविवार की सुबह घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के साथ हुई। सुबह करीब आठ बजे तक कोहरे की मोटी चादर छाई रही जिससे दृश्यता लगभग शून्य हो गई। सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कोहरे के साथ शीतलहर के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई जिससे जनजीवन पूरी तरह ठिठुर गया। हालांकि सुबह नौ बजे तक कोहरा छटा और हल्दी धूप निकल आई। बीते कुछ दिनों से प्रदेश में लगातार घना कोहरा पड़ रहा है। शनिवार की सुबह भी अधिकांश क्षेत्रों में कोहरे का असर रहा लेकिन दिन चढ़ने के साथ धूप निकल आई और मौसम कुछ देर के लिए खुशगवार हो गया लेकिन शाम होते-होते ठंड का असर फिर बढ़ गया और रात में शीतलहर ने लोगों को कंपकंपा दिया।

मौसम विभाग के अनुसार रविवार को घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया था जो पूरी तरह सटीक साबित हुआ। प्रदेश में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है लेकिन आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। पूर्वानुमान के मुताबिक 20 जनवरी से कोहरे के असर में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। इससे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।
ठंड के लिहाज से शनिवार को बाराबंकी प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हरदोई दूसरे स्थान पर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री रहा। राजधानी लखनऊ में भी इस सीजन का अब तक का सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पिछले कुछ दिनों से रात के तापमान में हो रही लगातार गिरावट अब थमने लगी है और आंशिक बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसके चलते पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रात के समय चल रही शीतलहर कुछ कमजोर हुई है। अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की क्रमिक वृद्धि संभव है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दूसरे पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 22 जनवरी से पश्चिम उत्तर प्रदेश में बारिश होने की संभावना है। यह बारिश 23 जनवरी तक प्रदेश के मध्यवर्ती हिस्सों तक पहुंच सकती है। इसी कारण 20 जनवरी के बाद प्रदेश में पड़ रही कड़ाके की ठंड में भी धीरे-धीरे कमी आने के आसार जताए जा रहे हैं।






