लखनऊ, 9 मार्च 2026:
देशभर में फैले एक बड़े इनकम टैक्स चोरी सिंडीकेट का खुलासा होने के बाद आयकर विभाग ने लखनऊ में भी बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग की कई टीमों ने शहर के मशहूर ‘बॉम्बे पावभाजी’ रेस्टोरेंट के हजरतगंज और गोमतीनगर समेत तीन आउटलेट्स पर एक साथ सर्वे किया। शुरुआती जांच में यहां करोड़ों रुपये की कर चोरी के संकेत मिलने से रेस्टोरेंट संचालकों में हड़कंप मच गया है।
दरअसल, यह पूरा मामला नामचीन बिलिंग सॉफ्टवेयर प्रदाता ‘पेटपूजा’ के डेटा विश्लेषण से सामने आया है। आयकर विभाग की हैदराबाद के महानिदेशक (जांच) टीम ने पहले इस सॉफ्टवेयर कंपनी के परिसरों पर कार्रवाई करते हुए 160 टेराबाइट से अधिक डिजिटल डेटा और बैकअप जब्त किया था। इसके बाद इस डेटा का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से विश्लेषण किया गया। जांच में सामने आया कि सॉफ्टवेयर में कुछ ऐसे ‘सिस्टमैटिक फीचर्स’ मौजूद थे जिनका उपयोग कर कई रेस्टोरेंट अपनी वास्तविक बिक्री को छिपाकर कम टर्नओवर दिखा रहे थे। करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी कर रहे थे।
एआई विश्लेषण के मुताबिक देशभर में इस तरीके से हजारों करोड़ रुपये की कर चोरी होने का अनुमान है। इसी जांच के दौरान तैयार की गई संदिग्ध रेस्टोरेंट्स की सूची में लखनऊ के हजरतगंज स्थित ‘बॉम्बे पावभाजी’ आउटलेट का नाम भी सामने आया। इसके आधार पर आयकर लखनऊ की टीम ने रविवार को हजरतगंज और विभूति खंड स्थित प्रतिष्ठानों पर एक साथ सर्वे शुरू किया।
जांच के दौरान अधिकारी बिलिंग सिस्टम, स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक बिक्री के रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार सॉफ्टवेयर के डेटा और रेस्टोरेंट द्वारा घोषित टर्नओवर में बड़ा अंतर मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, प्रतिष्ठान को साक्ष्य के साथ अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा।
जांच में यह भी सामने आया है कि सॉफ्टवेयर में मौजूद ‘पैरेलल क्लाउड’ और ‘डिलीटेड इन्वेंट्री’ जैसे फीचर्स के जरिए बिक्री के आंकड़ों को सर्वर से हटाकर सरकारी रिकॉर्ड में कम टर्नओवर दिखाया जाता था। आयकर विभाग अब उन तकनीकी विशेषज्ञों की भी तलाश कर रहा है जिन्होंने रेस्टोरेंट मालिकों को इस सॉफ्टवेयर के जरिए कर चोरी करने की ट्रेनिंग दी थी।
लंबी चली इस कार्रवाई के बाद शहर के अन्य रेस्टोरेंट संचालकों में भी खलबली मच गई है। विभाग के रडार पर लखनऊ के आधा दर्जन से अधिक बड़े रेस्टोरेंट चेन भी हैं जिनके टर्नओवर में पिछले दो वर्षों से संदिग्ध उतार-चढ़ाव देखा गया है। आने वाले दिनों में इन पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।






