Lucknow City

फिनिक्स मॉल से सटी मार्केट में आग…धमाकों के बीच लपटों में 20 दुकानें खाक, नुकसान से रो पड़े कारोबारी

एक के बाद एक 10-12 धमाकों से फैली दहशत, 3 किमी दूर तक दिखीं लपटें, फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियों ने तीन घंटे में पाया काबू, आग ने छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ी, एक करोड़ से अधिक के नुकसान की आशंका

लखनऊ, 10 अप्रैल 2026:

लखनऊ के कृष्णा नगर इलाके में गुरुवार रात फिनिक्स मॉल के पास मार्केट में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। इनमें करीब छोटी-बड़ी 20 दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं। आग की लपटें और धुआं करीब कई किलोमीटर दूर से साफ नजर आ रहा था। देर से आई फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू तो पा लिया लेकिन व्यापारियों के कारोबार की गाड़ी पटरी से उतर चुकी थी।

बीती रात रोजाना की तरह मार्केट में दुकानें बंद हो गईं थीं और व्यापारी घर जा चुके थे। आग लगने के बाद इलाके में 10 से 12 जोरदार धमाके हुए, जिससे अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने आशंका जताई कि मंडी में रखे गैस सिलेंडर फटने से ये धमाके हुए। इस दौरान खबर पाकर व्यापारी भी पहुंच गए। हालात बिगड़ते देख पूरे इलाके को खाली कराया गया। कई दुकानदारों ने बताया कि उनकी दुकान पूरी तरह जल गई, जिसमें 5 से 20 लाख रुपये तक का नुकसान हुआ।

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मंडी में अलग-अलग तरह का छोटा-बड़ा कारोबार होता था, इसलिए आग में कई तरह की दुकानों को नुकसान पहुंचा। इसमें फल और सब्जी की थोक व खुदरा दुकानें, अनाज और राशन (किराना) व कपड़े की दुकानें,फूड कॉर्नर और स्टॉल, चप्पल-जूते की दुकानों के साथ पैकिंग के लिए प्लास्टिक की बोरियां, गत्ता, लकड़ी के रैक और अन्य ज्वलनशील सामान रखा था, जिससे आग तेजी से फैल गई।

फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान पुलिस, स्थानीय लोग और व्यापारी भी आग बुझाने में जुटे रहे। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आई है। मंडी में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक की बोरियां, गत्ता और अन्य ज्वलनशील सामान रखा था, जिससे आग तेजी से फैल गई।

दुकानदारों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड करीब एक घंटे देर से पहुंची, तब तक कई दुकानें जल चुकी थीं। स्थानीय लोगों ने खुद पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की। मार्केट में छोटी-बड़ी दर्जनों दुकानें हैं और कई तरह का कारोबार होता है। फिलहाल नुकसान का सही आंकड़ा लगाना मुश्किल है। फिलहाल दुकानदारों का कहना है कि जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई करना मुश्किल है। गाड़ी पटरी पर आते-आते सालों का समय लग जायेगा।

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