लखनऊ, 28 अप्रैल 2026:
यूपी में लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए योगी सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचते तापमान के बीच बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के जरिए प्रदेश के सभी स्कूलों में विशेष सुरक्षा इंतजाम लागू किए गए हैं।
सरकार ने इस बार स्कूलों को सिर्फ पढ़ाई का केंद्र नहीं बल्कि बच्चों की सुरक्षा का मजबूत कवच बना दिया है। हीटवेव से बचाव के लिए समयबद्ध गतिविधियों, स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों और विशेष दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू किया जा रहा है।
इस पूरी रणनीति में मध्याह्न भोजन (MDM) को अहम भूमिका दी गई है। इसे केवल भोजन योजना तक सीमित न रखकर बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य सुरक्षा का प्रभावी माध्यम बनाया गया है। गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए संतुलित आहार के साथ-साथ तरल पदार्थों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों में ओआरएस, ग्लूकोज, इलेक्ट्रोलाइट्स, आयरन की गोलियां और प्राथमिक उपचार किट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को आयरन की पिंक गोलियां और कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को नीली आयरन गोलियां देने के निर्देश जारी किए गए हैं। दवाओं की तय समय पर खुराक सुनिश्चित कराने में शिक्षकों की भी सक्रिय भूमिका तय की गई है।
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से जारी निर्देशों के तहत शिक्षकों को पिछले वर्षों के तापमान के आंकड़ों के जरिए हीटवेव की गंभीरता से अवगत कराया गया है। साथ ही सभी जिलों में नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा के आदेश दिए गए हैं जिससे किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि इस भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।
हीटवेव से बचाव के लिए सरकार की सलाह
दोपहर 12 से 3 बजे तक धूप में निकलने से बचें, पर्याप्त पानी और ओआरएस लें। हल्के व सूती कपड़े पहनें और सिर को ढककर रखें। बच्चों को धूप में खेलकूद से दूर रखें। चक्कर, कमजोरी या उल्टी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत आराम और चिकित्सा सहायता लें।






