योगेंद्र मलिक
देहरादून, 30 अप्रैल 2026:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में 18 प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में कुंभ मेला 2027 की तैयारियों को रफ्तार देने के साथ परिवहन, शिक्षा, वन और वित्त से जुड़े अहम निर्णय लिए गए।
सीएम के सचिव शैलेश बगौली ने प्रेस वार्ता में फैसलों की जानकारी दी। उनके मुताबिक कुंभ मेला 2027 को ध्यान में रखते हुए स्वीकृति प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। अब 1 करोड़ रुपये तक के काम मेलाधिकारी स्तर पर, 5 करोड़ तक गढ़वाल कमिश्नर स्तर पर मंजूर होंगे। इससे बड़े प्रस्ताव शासन स्तर पर पास किए जाएंगे।
परिवहन विभाग में 250 नई बसों की खरीद को मंजूरी दी गई। पहले से स्वीकृत 100 बसों की संख्या जीएसटी में कमी से पहले बढ़ाकर 109 कर दी गई। विभाग में प्रवर्तन पर्यवेक्षक और सिपाहियों की वर्दी भी तय कर दी गई।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में 452 मदरसों के लिए नई व्यवस्था लागू होगी। कक्षा 1 से 8 तक के मदरसों को अब डीएम से मान्यता लेनी होगी। रामनगर बोर्ड के अधीन 52 मदरसों को सीधे मान्यता दी जाएगी। इस फैसले से 50 हजार से ज्यादा बच्चों पर असर पड़ेगा।
वित्त विभाग में आबकारी पर 6 प्रतिशत वैट दर को नियमावली में शामिल किया गया। संस्कृत शिक्षा के लिए सेवा नियमावली को मंजूरी मिली, जिससे शिक्षकों की पदोन्नति का रास्ता साफ हुआ।
लोक निर्माण विभाग में बी श्रेणी के ठेकेदार अब 1.5 करोड़ रुपये तक के काम कर सकेंगे। 2023 की भर्ती प्रक्रिया के साथ छह नए पद भी सृजित किए गए। वन विभाग में वन दरोगा की आयु सीमा 21 से 35 वर्ष तय की गई, जबकि वन आरक्षी के लिए 18 से 25 वर्ष की सीमा रखी गई।
प्रदेश में मौन पालन नीति को मंजूरी मिली है। राज्य को शहद उत्पादन के मॉडल के रूप में विकसित करने की योजना भी तैयार की गई है, जिसके तहत बी-बॉक्स लगाए जाएंगे और इसके लिए एसओपी बनाई जाएगी। वहीं उद्यान विभाग में दर को 7 से बढ़ाकर 8 रुपये प्रति कुंतल किया गया। कार्मिक विभाग में एकल संवर्ग के लिए एसओपी तैयार की जाएगी।






